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नालंदा में महज 5 हजार रुपये की रंगदारी न देने पर सिरफिरे बदमाशों ने की युवक की निर्मम हत्या

बिहार के नालंदा जिले से अपराध और अपराधियों के हौसलों को झकझोर देने वाली एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने कानून-व्यवस्था के दावों की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं। नालंदा में बदमाशों ने एक गरीब और साधारण युवक की केवल इसलिए बेरहमी से हत्या कर दी क्योंकि वह उनसे मांगी गई महज 5 हजार रुपये की अवैध रंगदारी (Extortion) की रकम नहीं चुका पाया था। इस सनसनीखेज वारदात के सामने आते ही मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है और पूरे इलाके में भयानक दहशत का माहौल बना हुआ है। मामूली सी रकम के लिए एक हंसते-खेलते इंसान की जिंदगी छीन लेने की इस घटना ने आम जनता के भीतर गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है, जबकि पुलिस प्रशासन अब अपराधियों की धरपकड़ के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी अभियान चलाने का दावा कर रहा है।

अपराधियों के बेखौफ होने का यह आलम यह साबित करता है कि बदमाशों के दिलों से खाकी का खौफ किस हद तक कम हो चुका है। बिहार की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में इस घटना के बाद एक बार फिर से कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर तीखी बहस छिड़ गई है। विपक्षी दलों ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए राज्य में जंगलराज लौटने के गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर कैंप कर रहे हैं। आइए इस जघन्य हत्याकांड के हर एक पहलू, पुलिस की कार्रवाई और इस खौफनाक वारदात के पीछे की पूरी सच्चाई को बेहद विस्तार से जानते हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नालंदा जिले के एक स्थानीय इलाके में रहने वाला यह युवक अपने परिवार का पेट पालने के लिए छोटे-मोटे कामकाज से जुड़ा हुआ था। इलाके में पिछले कुछ दिनों से कुछ स्थानीय कुख्यात अपराधी और दबंग किस्म के लोग सक्रिय थे, जो आए दिन छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों से जबरन रंगदारी वसूला करते थे। इन बदमाशों की नजर इस युवक पर भी थी और उन्होंने उस पर 5 हजार रुपये प्रति माह या बतौर एकमुश्त रंगदारी देने का दबाव बनाना शुरू कर दिया था। मृतक युवक की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी कि वह इन अपराधियों की अवैध मांगों को पूरा कर सके, और उसने कई बार हाथ जोड़कर इन पैसों को देने में असमर्थता जताई थी।

जब उस युवक ने बदमाशों की इस गैरकानूनी मांग के आगे झुकने से साफ इनकार कर दिया, तो इन सिरफिरे बदमाशों ने उसे सबक सिखाने और अपनी धौंस जमाने के लिए एक खौफनाक साजिश रच डाली। आरोपियों ने उसे रास्ते में घेरकर पहले तो धमकाया और जब उसने फिर भी पैसे देने से मना कर दिया, तो गुस्साए बदमाशों ने ताबड़तोड़ हमला कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते पुलिस को इस रंगदारी की शिकायत पर गंभीर कार्रवाई करनी चाहिए थी, तो शायद इस बेकसूर की जान बचाई जा सकती थी।

इस सनसनीखेज वारदात का सबसे डरावना पहलू यह रहा कि बदमाशों ने दिनदहाड़े या सुनसान इलाके में इस कातिलाना हमले को अंजाम दिया ताकि पूरे क्षेत्र में उनका खौफ कायम हो सके। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, बदमाशों ने योजनाबद्ध तरीके से उस युवक को एक सुनसान जगह पर बुलाया या वहीं घेर लिया, और उसके बाद बेरहमी से धारदार हथियारों से उस पर वार किए। जब इतने से भी उनका मन नहीं भरा, तो उन्होंने नजदीक से गोली चलाकर उसकी मौके पर ही दर्दनाक हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद सभी अपराधी मौके से फरार हो गए, जिससे आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों में दुबक गए।

वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और खून से लथपथ पड़े शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। मृतक के शरीर पर मिले जख्मों के निशान यह बयां कर रहे थे कि हत्यारों के मन में कितनी ज्यादा क्रूरता भरी हुई थी। जवान बेटे की इस तरह बेरहमी से हत्या किए जाने की खबर जैसे ही उसके घर पहुंची, परिजनों की चीख-पुकार से पूरा आसमान गूंज उठा। मां-बाप और भाई-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और वे सिर्फ एक ही रट लगाए बैठे हैं कि उनके बेटे के कातिलों को जल्द से जल्द फांसी के फंदे पर लटकाया जाए।

नालंदा में हुई इस सनसनीखेज हत्या के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। जिले के पुलिस अधीक्षक और अन्य वरीय अधिकारियों ने तुरंत घटनास्थल का मुआयना किया और मातहतों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी कीमत पर आरोपियों को बख्शा न जाए। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ हत्या और रंगदारी वसूली की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। इलाके के तमाम सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि उन चेहरों की पहचान की जा सके जो इस पूरी वारदात में सीधे तौर पर शामिल थे। पुलिस ने कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है और कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है।

प्रशासन की तरफ से यह आश्वासन दिया गया है कि पिछले कुछ दिनों से इलाके में सक्रिय इस रंगबाज गिरोह के हर एक गुर्गे को बहुत जल्द सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इन बदमाशों के तार किसी बड़े स्थानीय आपराधिक सिंडिकेट से जुड़े हुए थे। इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए पुलिस अब गश्त बढ़ा रही है और जनता से भी अपील की जा रही है कि यदि उनसे कोई रंगदारी मांगे, तो वे तुरंत बेझिझक पुलिस को सूचना दें ताकि समय रहते ऐसे अपराधियों का इलाज किया जा सके।

बिहार की कानून-व्यवस्था में रंगदारी और छोटी-छोटी बातों पर हत्या कर देना एक ऐसा पुराना नासूर बनता जा रहा है जिस पर काबू पाना हर सरकार और पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होता रहा है। नालंदा की यह घटना इस बात का जीता-जाता प्रमाण है कि समाज के भीतर कुछ असामाजिक तत्वों के मन से कानून का डर पूरी तरह समाप्त हो चुका है। जब एक आम नागरिक अपनी मेहनत की कमाई से 5 हजार जैसी छोटी रकम भी इन बदमाशों को नहीं दे पाता और अपनी जान गंवा बैठता है, तो यह पूरे सिस्टम की असफलता को दर्शाता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जब तक पुलिस प्रशासन राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर जमीनी स्तर पर अपराधियों के खिलाफ कोई कड़ा और निर्णायक कदम नहीं उठाएगा, तब तक इस तरह की वारदातों पर पूरी तरह लगाम लगाना असंभव होगा।

विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है और कहा है कि राज्य में जंगलराज का दौर फिर से लौट आया है जहां आम आदमी पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रहा है। दूसरी ओर, सत्ता पक्ष के नेताओं का कहना है कि सरकार अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और इस मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो। जनता अब केवल आश्वासनों और बयानों से संतुष्ट होने वाली नहीं है, बल्कि वह जमीन पर ठोस सुरक्षा और न्याय चाहती है।