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देवास SHO हत्याकांड: मुख्य आरोपी राहुल जायसवाल गिरफ्तार, पूछताछ में कबूला कांग्रेस कनेक्शन; 5 जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी

मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव थाना क्षेत्र में अवैध शराब तस्करों द्वारा थाना प्रभारी (TI/SHO) दिलीप पुरी को वाहन से कुचलकर मार डालने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस की स्पेशल टीमों ने दबिश देकर इस पूरे अवैध शराब नेटवर्क के मुख्य मास्टरमाइंड राहुल जायसवाल को हिरासत में ले लिया है। टिमरनी (हरदा) निवासी राहुल जायसवाल पर आरोप है कि वह मध्य प्रदेश से ड्राई स्टेट गुजरात तक अवैध शराब की तस्करी का एक बड़ा अंतरराज्यीय सिंडिकेट चला रहा था। देवास पुलिस ने घटना के बाद एक्शन तेज करते हुए शराब से भरी गाड़ी को जब्त करने के साथ-साथ वाहन उपलब्ध कराने वाले और सप्लाई चेन में शामिल अन्य आरोपियों को भी धर दबोचा है।

पुलिस हिरासत में आने के बाद राहुल जायसवाल से जब कड़ी पूछताछ की गई, तो उसने खुद को कांग्रेस पार्टी का पदाधिकारी और सक्रिय नेता बताया। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह वर्तमान में कांग्रेस के खातेगांव विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी है और इससे पहले 2018 से 2024 तक जिला युवा कांग्रेस (यूथ कांग्रेस) का अध्यक्ष रह चुका है। पूछताछ में उसने यह भी खुलासा किया कि वह बस संचालन के साथ-साथ शराब के कारोबार में प्रत्यक्ष हिस्सेदार है। हरदा जिले के टिमरनी स्थित जिस शराब ठेके से यह अवैध खेप निकली थी, उसमें उसकी 30 प्रतिशत की पार्टनरशिप थी। आरोपी के इस राजनीतिक इकबालिया बयान के बाद मध्य प्रदेश के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

यह दिल दहला देने वाली घटना 2 नवंबर की रात उस वक्त घटी जब खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक आयशर वाहन में अवैध शराब की भारी खेप भरकर टिमरनी से गुजरात ले जाई जा रही है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए टीआई अपनी पुलिस टीम के साथ नाकाबंदी कर रहे थे। जैसे ही संदिग्ध गाड़ी मौके पर पहुंची, पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया। वाहन चालक गजेंद्र उर्फ अक्कु रावत ने गाड़ी रोकने के बजाय जान से मारने की नीयत से टीआई दिलीप पुरी और आरक्षक सोहन जाट पर गाड़ी चढ़ा दी। इस हमले में टीआई बुरी तरह कुचले गए और अस्पताल ले जाने पर इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया, जबकि आरक्षक गंभीर रूप से घायल हो गया।

कर्तव्य निर्वहन के दौरान थाना प्रभारी की शहादत पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गहरा शोक जताते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। सीएम ने स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन को तुरंत घटनास्थल पर भेजा और दोषियों के खिलाफ बिना किसी रियायत के कठोरतम कानूनी कार्रवाई के निर्देश जारी किए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या), 109(1), 121(2), 3(5) और आबकारी एक्ट के तहत गंभीर मुकदमा दर्ज किया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए देवास पुलिस अधीक्षक ने 10-10 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित किया है और पांच पड़ोसी जिलों में पुलिस की विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

घटना के बाद प्रशासन ने अवैध नेटवर्क की आर्थिक जड़ों पर भी प्रहार शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन ने टिमरनी स्थित तीनों संबंधित शराब दुकानों के लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं और लापरवाही बरतने वाले आबकारी अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गाज गिरी है। वहीं, मध्य प्रदेश सरकार ने शहीद टीआई दिलीप पुरी के सर्वोच्च बलिदान का सम्मान करते हुए उनके शोकाकुल परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और उनकी पत्नी को पुलिस विभाग में उपनिरीक्षक (SI) पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने का ऐलान किया है। पुलिस अब इस मामले में कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स और बैंक लेन-देन की पड़ताल कर रही है ताकि राजनीतिक संरक्षण और शराब माफिया के इस पूरे अंतरराज्यीय गठजोड़ को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।