दिवाली में मिलावटी मिठाई बेचने वाले भी सक्रिय, FSSAI की हुई कार्रवाई

रोशनी और उल्लास के सबसे बड़े पर्व दीपावली के आते ही जहां एक तरफ पूरा देश उत्साह और उमंग में डूब जाता है, वहीं दूसरी तरफ कुछ मुनाफाखोर और असामाजिक तत्व लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने के लिए सक्रिय हो जाते हैं। त्योहारी सीजन के दौरान बाजार में मिठाइयों, खोया, पनीर, घी और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग अचानक कई गुना बढ़ जाती है, जिसका फायदा उठाने के लिए मिलावटखोर सक्रिय होकर घटिया और जहरीली सामग्री धड़ल्ले से बेचने लगते हैं। आम जनता के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने और इस तरह के अवैध कारोबार पर लगाम कसने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) तथा विभिन्न राज्यों के खाद्य सुरक्षा विभागों ने अपनी कमर कस ली है। देश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार छापेमारी की जा रही है, जिससे मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है और प्रशासन ने साफ कर दिया है कि त्योहारों की खुशियों में जहर घोलने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

FSSAI का देशव्यापी अभियान, करोड़ों रुपये के मिलावटी उत्पाद जब्त

त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों में होने वाली मिलावट पर नकेल कसने के लिए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने एक व्यापक राष्ट्रव्यापी निरीक्षण अभियान चलाया। इस विशेष अभियान के तहत देश भर की विभिन्न मिठाई की दुकानों, निर्माण इकाइयों, कोल्ड स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूटर्स के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापे मारे गए। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, इस सख्त कार्रवाई के दौरान हजारों टन ऐसे खाद्य पदार्थों को पकड़ा गया जो निर्धारित सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतर रहे थे। जब्त किए गए इन अमानक और संदिग्घ उत्पादों में मुख्य रूप से मिलावटी मावा (खोया), सिंथेटिक पनीर, मिलावटी देसी घी, रंग-बिरंगी मिठाइयां और एक्सपायरी डेट के खाद्य पदार्थ शामिल हैं। इन तमाम जप्तशुदा सामग्रियों की बाजार में कुल कीमत करोड़ों रुपये आंकी गई है, जिन्हें आम जनता तक पहुंचने से पहले ही सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया गया ताकि किसी भी बड़ी स्वास्थ्य त्रासदी से बचा जा सके।

नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर कड़ा एक्शन, लाइसेंस रद्द और सस्पेंड

इस देशव्यापी और राज्य-स्तरीय जांच अभियानों के दौरान पाया गया कि कई बड़े और छोटे खाद्य कारोबारियों ने साफ-सफाई के बुनियादी नियमों को ताक पर रख रखा था। कई जगहों पर मिठाइयों की تیاری बेहद अस्वच्छ और दूषित वातावरण में की जा रही थी, जहाँ मक्खियों और अन्य कीटों का खुलेआम जमावड़ा मिला। इस तरह की गंभीर लापरवाहियों और खाद्य सुरक्षा कानूनों के खुले उल्लंघन को देखते हुए FSSAI और स्थानीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कड़े प्रशासनिक कदम उठाए हैं। नियमों का पालन नहीं करने वाले दर्जनों कारोबारियों के लाइसेंस पूरी तरह से रद्द कर दिए गए हैं, जबकि एक हजार से अधिक प्रतिष्ठानों और इकाइयों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिए गए हैं। इसके अलावा, कई संदिग्ध इकाइयों को सील करने की कार्रवाई भी की गई है और हजारों खाद्य कारोबारियों को कड़े सुधार नोटिस (Improvement Notices) जारी किए गए हैं ताकि वे भविष्य में इस तरह की खतरनाक गतिविधियों से दूर रहें।

स्थानीय प्रशासन की सक्रियता और जनता के लिए जरूरी सतर्कता

केवल केंद्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि विभिन्न राज्यों के स्थानीय जिला प्रशासन, पुलिस और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमें भी बाजारों में लगातार गश्त कर रही हैं। मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब्स (Food Safety on Wheels) के जरिए मौके पर ही मिठाइयों और दूध उत्पादों के सैंपल की प्राथमिक जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल दीपावली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगा। हालांकि, प्रशासनिक कार्रवाइयों के साथ-साथ यह भी जरूरी है कि आम उपभोक्ता खरीदारी करते समय पूरी तरह सतर्क रहें। बहुत अधिक चमकीले रंगों वाली मिठाइयों, अत्यधिक कम कीमत पर बिकने वाले खोये या संदिग्ध गुणवत्ता वाले उत्पादों से लोगों को बचना चाहिए। यदि किसी भी ग्राहक को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर शक होता है, तो वे तुरंत इसकी शिकायत संबंधित विभाग से कर सकते हैं, क्योंकि आपकी थोड़ी सी जागरूकता ही आपको और आपके परिवार को मिलावट के जहर से सुरक्षित रख सकती है।