दिवाली पर रेलवे का बड़ा धमाका: मुंबई-बेंगलुरु और दिल्ली-वाराणसी के बीच दौड़ेगी वंदे भारत स्लीपर, जानें रूट, शेड्यूल और टिकट का पूरा गणित

त्योहारी सीजन में घर जाने वाले लाखों रेल यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे ने एक बड़ी सौगात की तैयारी पूरी कर ली है। चेयर कार श्रेणी में जबरदस्त सफलता हासिल करने के बाद अब लंबी दूरी के रात्रिकालीन सफर के लिए देश में सेमी-हाई-स्पीड ‘वंदे भारत स्लीपर’ ट्रेनों का संचालन शुरू होने जा रहा है। रेलवे प्रशासन सबसे पहले दो सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण गलियारों—मुंबई से बेंगलुरु और नई दिल्ली से वाराणसी के बीच वंदे भारत स्लीपर की शुरुआत कर रहा है। 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम यह ट्रेन न केवल यात्रा के समय में 6 से 8 घंटे तक की भारी कटौती करेगी, बल्कि यात्रियों को हवाई जहाज जैसी आधुनिक सुविधाओं और विश्वस्तरीय आराम का अनुभव भी कराएगी।

महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई को देश के प्रमुख आईटी हब बेंगलुरु से जोड़ने वाली यह नई स्लीपर ट्रेन दोनों महानगरों के बीच यात्रा को पूरी तरह बदल देगी। प्रस्तावित शेड्यूल के अनुसार, यह ट्रेन मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) से रवाना होकर बेंगलुरु के सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल (SMVT) तक जाएगी। 1,118 किलोमीटर की इस दूरी को तय करने में यह ट्रेन महज 15 घंटे 45 मिनट का समय लेगी, जिससे मौजूदा उद्यान एक्सप्रेस की तुलना में यात्रा समय में लगभग 6 घंटे 20 मिनट की बचत होगी।

प्रस्तावित समय सारिणी के मुताबिक, यह ट्रेन मुंबई (CSMT) से रात 8:10 बजे खुलेगी और अगले दिन सुबह 11:55 बजे बेंगलुरु (SMVT) पहुंचेगी। वापसी में यह बेंगलुरु से शाम 7:50 बजे चलेगी और अगली सुबह 11:55 बजे मुंबई पहुंचेगी। रास्ते में यह कल्याण, पुणे, सोलापुर, कलबुर्गी, रायचूर, गुंतकल और अनंतपुर जैसे प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक शहरों में रुकेगी। यह सेवा सप्ताह में छह दिन संचालित की जाएगी।

उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के बीच धार्मिक, व्यापारिक और पर्यटन आवागमन को गति देने के लिए नई दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत स्लीपर का रूट तय किया गया है। यह ट्रेन विशेष रूप से पूर्वांचल, प्रयागराज और कानपुर के यात्रियों के लिए एक प्रीमियम ओवरनाइट विकल्प साबित होगी, जिन्हें अगली सुबह काम या पढ़ाई के सिलसिले में राजधानी पहुंचना होता है।

प्रस्तावित समय सारिणी (ट्रेन संख्या 27421) के अनुसार, यह ट्रेन वाराणसी कैंट से रात 8:50 बजे रवाना होगी। रात 10:35 बजे प्रयागराज जंक्शन पहुंचेगी और 5 मिनट के ठहराव के बाद 10:40 बजे आगे के लिए प्रस्थान करेगी। इसके बाद रात 12:40 बजे कानपुर सेंट्रल होते हुए अगली सुबह 5:55 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। वापसी दिशा में ट्रेन नंबर 27422 नई दिल्ली से रात 9:40 बजे चलेगी, अगली सुबह 4:45 बजे प्रयागराज पहुंचेगी और सुबह 6:45 बजे वाराणसी पहुंच जाएगी। शनिवार को छोड़कर यह ट्रेन भी हफ्ते में 6 दिन चलेगी।

वंदे भारत स्लीपर के किराए को लेकर रेल मंत्रालय ने पारदर्शी किलोमीटर-आधारित फॉर्मूला अपनाया है। संसद में साझा की गई जानकारी के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर का किराया प्रति यात्री प्रति किलोमीटर 2.40 रुपये से 3.80 रुपये के बीच तय किया गया है। थर्ड एसी (3AC) के लिए मूल किराया 2.40 रुपये प्रति किलोमीटर (जीएसटी अलग) रखा गया है, जिसका मतलब है कि लगभग 1,000 किलोमीटर के सफर के लिए 3AC का टिकट बेस फेयर करीब 2,400 रुपये बैठेगा।

सेकंड एसी (2AC) और फर्स्ट एसी (1AC) के किराए क्रमशः राजधानी एक्सप्रेस के फ्लेक्सी और प्रीमियम स्लैब के समतुल्य होंगे। हालांकि यह किराया सामान्य मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों के मुकाबले अधिक है, लेकिन रेलवे का स्पष्ट कहना है कि चीन, जापान या फ्रांस जैसे देशों में चलने वाली समकक्ष हाई-स्पीड स्लीपर सेवाओं (जहां दरें 7 से 20 रुपये प्रति किमी हैं) की तुलना में भारत में यह किराया काफी किफायती है। सबसे खास बात यह है कि इस ट्रेन में कोई आरएसी (RAC) सीट आवंटित नहीं की जाएगी; यात्रियों को केवल कन्फर्म या वेटिंग लिस्ट टिकट ही मिलेंगे।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें पूरी तरह वातानुकूलित (AC) 16 कोच के रेक से लैस हैं, जिसमें कुल 823 यात्रियों के सोने की व्यवस्था है। इसके कोच पारंपरिक आईसीएफ या एलएचबी कोचों से कहीं ज्यादा उन्नत हैं। इनमें गंधहीन बायो-वैक्यूम टॉयलेट्स, ऑटोमैटिक प्लग डोर्स, सेंसर-आधारित इंटरकम्युनिकेशन डोर्स, हर बर्थ पर अलग यूएसबी चार्जिंग पोर्ट, रीडिंग लाइट और बेहतर कुशनिंग वाली चौड़ी बर्थ दी गई हैं। ट्रेन में झटकों को रोकने के लिए सेमी-परमानेंट कप्लर्स और बेहतर सस्पेंशन सिस्टम लगाया गया है, ताकि तेज रफ्तार में भी यात्री बिना किसी खलल के सो सकें।

सुरक्षा के लिहाज से ट्रेन में ‘कवच’ (Kavach) एंटी-कोलिजन सिस्टम, अग्निशामक सेंसर, इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट और कोचों के अंदर सीसीटीवी कैमरे मौजूद हैं। इसके अलावा रेलवे ने वरिष्ठ नागरिकों, 45 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं और गर्भवती महिलाओं के लिए लोअर बर्थ का सुरक्षित कोटा निर्धारित किया है, जिससे बुजुर्गों और महिलाओं को आरामदायक यात्रा सुनिश्चित हो सके।