
दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ महापर्व के दौरान उत्तर और पूर्वी भारत, विशेषकर बिहार और पश्चिम बंगाल जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने कमर कस ली है। नियमित ट्रेनों में टिकट बुकिंग शुरू होते ही सीटें फुल होने और लंबी वेटिंग लिस्ट की समस्या से राहत दिलाने के लिए रेलवे ने न केवल 100 से अधिक स्पेशल ट्रेनों के संचालन की घोषणा की है, बल्कि 6 प्रमुख व्यस्त रूटों पर ट्रेनों के परिचालन समय और रफ्तार को भी युक्तिसंगत (Speed Up) किया है।
हर साल त्योहारी सीजन में स्पेशल ट्रेनों की सबसे बड़ी समस्या उनका अत्यधिक लेट होना और कम प्राथमिकता मिलना रहा है। इस बार रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से बिहार और बंगाल जाने वाली स्पेशल ट्रेनों को क्लीयर ट्रैक और तेज औसत रफ्तार के साथ चलाया जाएगा, जिससे यात्रियों का कई घंटों का कीमती समय बचेगा।
रेलवे ने बिहार और पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों को जोड़ने वाले 6 सबसे अधिक मांग वाले रूटों पर स्पेशल ट्रेनों का संशोधित टाइम-टेबल और स्पीड अप शेड्यूल तय किया है:
| क्र. | रूट (मार्ग) | प्रमुख स्पेशल ट्रेनें | संचालन अवधि |
| 1 | दिल्ली/आनंद विहार – पटना व पाटलिपुत्र | 04078/04077 आनंद विहार-पाटलिपुत्र स्पेशल (दैनिक) | 1 अक्टूबर से 30 नवंबर |
| 2 | दिल्ली/आनंद विहार – मुजफ्फरपुर व सीतामढ़ी | आनंद विहार-मुजफ्फरपुर एवं दिल्ली-सीतामढ़ी स्पेशल | 4 अक्टूबर से 29 नवंबर |
| 3 | आनंद विहार – जोगबनी व लौकहा बाजार | आनंद विहार-जोगबनी एवं आनंद विहार-लौकहा बाजार | 16 सितंबर से 30 नवंबर |
| 4 | चंडीगढ़/पंजाब – पटना रूट | चंडीगढ़-पटना एवं फिरोजपुर कैंट-पटना स्पेशल | 1 अक्टूबर से 27 नवंबर |
| 5 | उत्तर प्रदेश/राजस्थान – सियालदह व कोलकाता | कानपुर/आगरा/मदार-कोलकाता एवं पटना स्पेशल | अक्टूबर से नवंबर |
| 6 | हावड़ा/आसनसोल – रक्सौल व गोरखपुर (बिहार लिंक) | हावड़ा-रक्सौल एवं आसनसोल-पटना स्पेशल | 13 अक्टूबर से 29 नवंबर |
ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के पीछे रेलवे की दोहरी रणनीति काम कर रही है:
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गैर-जरूरी स्टॉपेज में कटौती: स्पेशल ट्रेनों को कई छोटे हाल्ट पर अनावश्यक रोकने के बजाय केवल प्रमुख जंक्शनों पर ही सीमित ठहराव (Technical & Commercial Halts) दिए गए हैं।
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आधुनिक LHB कोच: अधिकांश स्पेशल ट्रेनों में पारंपरिक आईसीएफ कोचों की जगह आधुनिक लिंक हॉफमैन बुश (LHB) कोच लगाए गए हैं। एलएचबी रेक सुरक्षित होने के साथ-साथ 110 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौड़ने में सक्षम होते हैं, जिससे यात्रा के समय में 2 से 4 घंटे तक की सीधी कटौती होगी।
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प्रमुख जंक्शनों पर बाईपास: कानपुर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय (मुगलसराय) और दानापुर जैसे अत्यधिक व्यस्त रेल खंडों पर स्पेशल ट्रेनों को प्राथमिकता देकर ग्रीन कॉरिडोर उपलब्ध कराया जा रहा है।
त्योहारों पर सबसे अधिक दबाव दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और गुजरात से बिहार-बंगाल लौटने वाले कामगारों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों का होता है। आनंद विहार, नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशनों से चलने वाली पाटलिपुत्र, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सहरसा और जोगबनी स्पेशल ट्रेनों के दैनिक और साप्ताहिक फेरों से पूर्वांचल और मिथिलांचल के यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी।
इसके साथ ही, पंजाब के फिरोजपुर, लुधियाना, अंबाला और चंडीगढ़ से सीधे पटना और गया के लिए शुरू की गई सुपरफास्ट स्पेशल सेवाएं उन प्रवासी श्रमिकों के लिए वरदान साबित होंगी जो छठ पूजा के लिए अपने पैतृक गांव लौटते हैं।
रेलवे प्रशासन के अनुसार, इन सभी स्पेशल ट्रेनों का रिजर्वेशन आईआरसीटीसी (IRCTC) की आधिकारिक वेबसाइट, रेल कनेक्ट ऐप और रेलवे आरक्षण काउंटरों पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
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स्पेशल फेयर के नियम: ये ट्रेनें स्पेशल नंबर (0-सीरीज) के तहत संचालित हो रही हैं, जिनका किराया सामान्य मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों से मामूली अधिक (नियमों के तहत 10% से 30% तक) हो सकता है।
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अतिरिक्त कोच और क्लोन ट्रेनें: रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी रूट पर वेटिंग लिस्ट 200 के पार जाती है, तो उसी समय सारिणी पर क्लोन स्पेशल ट्रेनें चलाने और मौजूदा ट्रेनों में अतिरिक्त सामान्य (General) व स्लीपर कोच जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी।
त्योहारों में घर जाने की योजना बना रहे यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम समय की आपाधापी से बचने के लिए रेलवे के नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) पर ट्रेनों के संशोधित समय और स्टॉपेज की पुष्टि करके समय रहते अपनी सीट आरक्षित करा लें।
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