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दिवाली और छठ पर घर जाने वालों के लिए रेलवे का बड़ा तोहफा: कानपुर, प्रयागराज होकर दक्षिण भारत के लिए चलेंगी स्पेशल ट्रेनें, सीटें फुल होने की नो-टेंशन

नई दिल्ली/कानपुर। आगामी त्योहारों के सीजन—खासकर दिवाली, धनतेरस और आस्था के महापर्व छठ पूजा—पर अपने पैतृक घर जाने वाले उत्तर प्रदेश और बिहार के यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। नियमित लंबी दूरी की ट्रेनों में महीनों पहले से ‘नो रूम’ और लंबी वेटिंग लिस्ट के चलते होने वाली मारामारी को देखते हुए भारतीय रेलवे ने विशेष त्योहार स्पेशल ट्रेनों (Festive Special Trains) के संचालन का शेड्यूल जारी करना शुरू कर दिया है।

इस विशेष व्यवस्था के तहत उत्तर मध्य रेलवे (NCR) नेटवर्क के प्रमुख स्टेशनों—कानपुर सेंट्रल और प्रयागराज जंक्शन—को दक्षिण भारत के प्रमुख टेक व औद्योगिक केंद्रों जैसे बेंगलुरु (सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल / एसएमवीबी), चेन्नई और मदुरै से जोड़ने वाली लंबी दूरी की स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। दक्षिण भारत में पढ़ाई और नौकरी करने वाले लाखों प्रवासियों के लिए यह पहल दिवाली और छठ पर घर वापसी की राह बेहद आसान बनाएगी।

हर साल दिवाली और छठ के दौरान दिल्ली, मुंबई, गुजरात और दक्षिण भारत से उत्तर प्रदेश, बिहार व झारखंड जाने वाली नियमित ट्रेनों में आरक्षण खुलते ही सीटें मिनटों में फुल हो जाती हैं। स्लीपर से लेकर थर्ड एसी और सेकंड एसी तक की वेटिंग लिस्ट 200 से 300 के पार पहुंच जाती है। तत्काल टिकट के समय सर्वर क्रैश और दलालों के दखल के कारण आम यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की इसी मांग का वैज्ञानिक विश्लेषण करते हुए दक्षिण-मध्य और उत्तर मध्य रेलवे रूट पर अतिरिक्त रेक तैयार किए हैं। इन फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों के चलने से कानपुर और प्रयागराज समेत आसपास के जिलों—फतेहपुर, कौशांबी, मिर्जापुर, प्रतापगढ़ और बुंदेलखंड क्षेत्र—के यात्रियों को कन्फर्म सीट हासिल करने का सीधा विकल्प मिलेगा।

दक्षिण भारत से उत्तर भारत को जोड़ने वाली इन स्पेशल ट्रेनों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वे दक्षिण और मध्य भारत के प्रमुख स्टेशनों को कवर करते हुए चलें।

  • रूट और ठहराव: यह ट्रेनें मदुरै, डिंडीगुल, तिरुचिरापल्ली, विजयवाड़ा, बल्हारशाह, नागपुर, इटारसी, जबलपुर, सतना, मानिकपुर होते हुए प्रयागराज जंक्शन और कानपुर सेंट्रल पहुंचेंगी। इसी प्रकार बेंगलुरु रूट की ट्रेनें भी पेराम्बुर/काटपाडी, विजयवाड़ा और नागपुर कॉरिडोर होकर संचालित होंगी।

  • कोच कंपोजिशन: त्योहारों पर आम और मध्यम वर्गीय यात्रियों की बड़ी तादाद को देखते हुए इन स्पेशल ट्रेनों में सामान्य (General Unreserved), द्वितीय श्रेणी स्लीपर (SL), थर्ड एसी (3A) और सेकंड एसी (2A) के साथ-साथ आधुनिक एलएचबी (LHB) कोच जोड़े जा रहे हैं ताकि सफर सुरक्षित और आरामदायक रहे।

रेलवे बोर्ड के दिशानिर्देशों के अनुसार इन ट्रेनों के संचालन में समयबद्धता (Punctuality) को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है ताकि त्योहार के दिन यात्री समय पर अपने परिवार के बीच पहुंच सकें।

  • बुकिंग प्रक्रिया: इन स्पेशल ट्रेनों के टिकट आईआरसीटीसी (IRCTC) की आधिकारिक वेबसाइट, रेल कनेक्ट ऐप और रेलवे के पीआरएस (PRS) काउंटरों से बुक किए जा सकते हैं।

  • प्लेटफॉर्म प्रबंधन: कानपुर सेंट्रल और प्रयागराज जंक्शन पर बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) के अतिरिक्त जवानों की तैनाती, ‘मे आई हेल्प यू’ बूथ और महिला व बुजुर्ग यात्रियों के लिए विशेष सहायता केंद्र सक्रिय किए जा रहे हैं।

दक्षिण भारत में कार्यरत उत्तर भारतीय प्रवासियों के लिए यह स्पेशल ट्रेनें राहत की सौगात बनकर आई हैं, जिससे वे बिना किसी यात्रा तनाव के अपने परिजनों के साथ दिवाली के दीप जला सकेंगे और छठ का महापर्व उल्लास से मना सकेंगे।