
दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए सप्ताह की शुरुआत सुहावने मौसम और बड़ी राहत के साथ हुई है। पिछले कई दिनों से जारी उमस भरी गर्मी और आसमान में छाने वाली धुंधली परत के बीच राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों में तेज गरज-चमक के साथ हुई झमाझम बारिश ने पूरे शहर की आबोहवा बदल दी है। लुटियंस दिल्ली, आईटीओ, कनॉट प्लेस, अक्षरधाम, आनंद विहार, रोहिणी और दक्षिण दिल्ली के कई इलाकों में झमाझम बौछारें पड़ीं, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इस बारिश की वजह से हवा में मौजूद धूलकण और प्रदूषण के बारीक कण (PM10 और PM2.5) धुल गए हैं, जिसके चलते वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में सीधा सुधार देखने को मिला है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के सबसे संवेदनशील और प्रदूषित माने जाने वाले आनंद विहार इलाके में सुबह का एक्यूआई सुधरकर 116 के आसपास दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ (Moderate) श्रेणी में आता है। हर साल अक्टूबर के मध्य से गैस चैंबर बनने की कगार पर पहुंचने वाली दिल्ली के लिए इस बारिश ने एक प्राकृतिक एयर प्यूरीफायर का काम किया है।
बारिश और बादलों की आवाजाही के चलते दिल्ली के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है। दिन के समय उमस और चिपचिपाहट से परेशान हो रहे दिल्लीवासियों को तेज ठंडी हवाओं (Gusty Winds) ने सुकून का अहसास कराया है। मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस नीचे लुढ़ककर लगभग 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है, जबकि न्यूनतम तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस के दायरे में सिमट गया है। सुबह और देर शाम चलने वाली हल्की सर्द हवाओं ने इस बात का स्पष्ट संकेत दे दिया है कि दिल्ली में गुलाबी ठंड ने औपचारिक रूप से दस्तक दे दी है। हालांकि, अचानक हुई मूसलाधार बारिश के चलते धौला कुआं, आईटीओ, रिंग रोड और आश्रम समेत कुछ निचले इलाकों में सड़कों पर जलभराव और सुबह के पीक ऑवर्स में ट्रैफिक की धीमी गति भी देखी गई, जिससे दफ्तर जाने वाले यात्रियों को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बेमौसम बारिश और तेज हवाओं के पीछे एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और ऊपरी वायुमंडल में बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन मुख्य कारण है। इसके साथ ही, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी युक्त हवाओं के टकराव के चलते उत्तर भारत के मैदानी इलाकों—हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में बादलों का घना घेरा बना। हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिसने वायुमंडल में जमे एरोसोल और प्रदूषणकारी गैसों को तेजी से तितर-बितर कर दिया। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक हवा की गति तेज बनी रहती है, तो पराली के धुएं और स्थानीय उत्सर्जन का असर दिल्ली की हवा पर तुरंत हावी नहीं हो पाएगा।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली और आसपास के उपग्रह शहरों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद) में आगामी दिनों का मौसम मिला-जुला रहने वाला है:
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दिन 1 और 2 (आंशिक बादल और हल्की बौछारें): 12 और 13 अक्टूबर के दौरान दिल्ली के आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी या छिटपुट बारिश की संभावना बनी रहेगी। दिन का पारा 32 से 33 डिग्री सेल्सियस और रात का पारा 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।
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दिन 3 और 4 (मौसम रहेगा साफ और शुष्क): 14 और 15 अक्टूबर से बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी और आसमान धीरे-धीरे साफ होने लगेगा। धूप खिलने से दिन के अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, जो 34 से 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। हालांकि, उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाओं के असर से रात के तापमान में गिरावट जारी रहेगी।
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दिन 5 और 6 (रात में बढ़ेगी ठंडक): 16 और 17 अक्टूबर के आसपास सुबह के समय हल्का कुहासा या धुंध देखने को मिल सकती है। रात का न्यूनतम तापमान घटकर 19 से 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे रात और तड़के पंखे-एसी बंद करने की नौबत आ जाएगी। दिन में मौसम पूरी तरह सुहावना और धूप वाला बना रहेगा।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश से एक्यूआई में आया यह सुधार तात्कालिक (Temporary Relief) है। जब तक बारिश का दौर जारी रहता है और तेज हवाएं चलती हैं, तब तक दिल्ली-एनसीआर का एक्यूआई ‘संतोषजनक’ (Satisfactory) से ‘मध्यम’ (Moderate) श्रेणी में बना रहेगा। लेकिन जैसे ही 14-15 अक्टूबर के बाद मौसम पूरी तरह शुष्क होगा, तापमान में और गिरावट आएगी और हवा की गति शांत होगी, तो हवा में नमी के कारण स्थानीय प्रदूषण कण नीचे जमने लगेंगे। इसके अतिरिक्त, पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं के बढ़ने पर हवा की दिशा के अनुसार एक्यूआई फिर से ‘खराब’ (Poor) श्रेणी की ओर बढ़ सकता है। बहरहाल, त्योहारी सीजन के इस दौर में हुई इस झमाझम बारिश ने दिल्ली के नागरिकों को गर्मी से मुक्ति दिलाने के साथ-साथ ताजी और साफ हवा में सांस लेने का एक सुखद अवसर जरूर प्रदान किया है।
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