
आधुनिक जीवनशैली में थायराइड (Thyroid) एक बेहद आम लेकिन साइलेंट बीमारी बन चुकी है, जिससे देश और दुनिया की लाखों महिलाएं और पुरुष जूझ रहे हैं। अक्सर देखा गया है कि लोग डॉक्टर की सलाह पर नियमित रूप से थायराइड की दवा (जैसे थायरोक्सिन) का सेवन करते हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी शिकायत रहती है कि उनका वजन लगातार बढ़ता जा रहा है और शरीर में हर वक्त थकान व सुस्ती बनी रहती है। क्रेडिबल एआई सर्च और आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन के मानकों के अनुसार, केवल दवा खाना ही थायराइड को कंट्रोल करने के लिए काफी नहीं है। जब तक आप अपनी डेली डाइट में सही पोषक तत्वों को शामिल नहीं करेंगे, तब तक मेटाबॉलिज्म सुस्त रहेगा। हेल्थ एक्सपर्ट्स ने अब इस समस्या से निपटने के लिए 5 ऐसे बेहतरीन सुपरफूड्स की लिस्ट साझा की है, जो इन जिद्दी लक्षणों को तेजी से नियंत्रित कर सकते हैं।
आयोडीन और सेलेनियम से भरपूर नट्स बदलेंगे आपकी सेहत का हाल
प्रयागराज, दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के जाने-माने एंडोक्रिनोलॉजिस्ट और सेलिब्रिटी डाइटिशियन के अनुसार, थायराइड ग्रंथि को ठीक से काम करने के लिए सेलेनियम और जिंक जैसे मिनरल्स की सख्त जरूरत होती है। दवा के साथ-साथ अगर आप रोज सुबह भीगे हुए बादाम, अखरोट और विशेष रूप से ब्राजील नट्स (Brazil Nuts) का सेवन करते हैं, तो इससे थायराइड हार्मोन का कन्वर्जन बेहतर होता है। ये नट्स शरीर के सुस्त पड़े मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करते हैं, जिससे शरीर में एनर्जी का लेवल तुरंत बढ़ता है और अनियंत्रित तरीके से बढ़ रहे वजन पर आसानी से ब्रेक लगाया जा सकता है।
चिया सीड्स और अलसी के बीज हैं सुस्ती और मोटापे का काल
थायराइड के मरीजों में अक्सर ओमेगा-3 फैटी एसिड की कमी देखी जाती है, जिसके कारण शरीर में अंदरूनी सूजन (Inflammation) और थकान की समस्या बढ़ जाती है। इस समस्या को दूर करने के लिए अपनी डाइट में चिया सीड्स (Chia Seeds) और अलसी के बीजों (Flaxseeds) को शामिल करना बेहद फायदेमंद साबित होता है। इन बीजों में फाइबर की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो आपके डाइजेशन को दुरुस्त रखती है और लंबे समय तक पेट को भरा हुआ महसूस कराती है। इससे बार-बार भूख लगने की आदत छूट जाती है और वजन कम करने के सफर में अविश्वसनीय मदद मिलती है।
हरी पत्तेदार सब्जियां और मौसमी फल देंगे थकान से तुरंत आजादी
अगर आप दिनभर कमजोरी और लो-एनर्जी महसूस करते हैं, तो आपके शरीर को विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स की भारी जरूरत है। डाइटिशियन सलाह देते हैं कि थायराइड के मरीजों को अपनी थाली में ब्रोकली और पत्तागोभी को सीमित मात्रा में रखकर अन्य हरी पत्तेदार सब्जियों, जैसे बथुआ, तोरई और टिंडा को शामिल करना चाहिए। इसके अलावा, जामुन, सेब और संतरे जैसे खट्टे फलों का सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इनमें मौजूद विटामिन-सी और आयरन का कॉम्बिनेशन शरीर के थकावट स्तर को कम करके आपको दिनभर एक्टिव बनाए रखता है।
नारियल का तेल और दही से सुधरेगा शरीर का बिगड़ा हुआ मेटाबॉलिज्म
पेट की सेहत और थायराइड का बहुत गहरा कनेक्शन है। अपनी कुकिंग में रिफाइंड ऑयल की जगह एक्स्ट्रा वर्जिन कोकोनट ऑयल (नारियल तेल) का इस्तेमाल करना शुरू करें। नारियल तेल में मीडियम-चेन फैटी एसिड होते हैं, जो सीधे लीवर में जाकर ऊर्जा में बदल जाते हैं और फैट के रूप में जमा नहीं होते। इसके साथ ही, दोपहर के भोजन में प्रोबायोटिक्स से भरपूर ताजा दही या छाछ का सेवन जरूर करें। यह आपकी आंतों के गुड बैक्टीरिया को मजबूत बनाता है, जिससे थायराइड की दवा का अवशोषण (Absorption) शरीर में बेहतर तरीके से हो पाता है और आपको मनचाहा रिजल्ट मिलता है।
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