
ट्रेन का सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए प्लेटफॉर्म के बासी या सीमित पेंट्री कार खाने के दिन अब लद चुके हैं। ऑनलाइन फूड और क्विक कॉमर्स दिग्गज स्विगी (Swiggy) की ट्रेन डिलीवरी सर्विस—’Swiggy on Train’—ने भारतीय रेल यात्रियों के बीच जबर्दस्त लोकप्रियता हासिल कर ली है। कंपनी द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 2 वर्षों के भीतर स्विगी के ट्रेन फूड डिलीवरी कारोबार में 12 गुना (12X) की चौंकाने वाली वृद्धि दर्ज की गई है।
आईआरसीटीसी (IRCTC) के साथ रणनीतिक साझेदारी के तहत शुरू की गई यह सुविधा अब देश के 201 से अधिक प्रमुख रेलवे स्टेशनों तक अपना नेटवर्क फैला चुकी है। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्री अब चलती ट्रेन में अपनी सीट पर बैठे-बैठे डोमिनोज, हल्दीराम, बर्गर किंग और स्थानीय लोकप्रिय आउटलेट्स से गरमा-गरम खाना सीधे अपनी बर्थ पर डिलीवर करवा रहे हैं।
स्विगी ने भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) के ई-कैटरिंग पोर्टल के साथ हाथ मिलाकर इस सेवा को एकीकृत किया था। शुरुआती दौर में चुनिंदा बड़े जंक्शनों पर ट्रायल के तौर पर शुरू की गई यह सेवा आज भारतीय रेलवे के विशाल नेटवर्क का अहम हिस्सा बन चुकी है।
इस अभूतपूर्व 12 गुना वृद्धि के पीछे सबसे बड़ा कारण डिलीवरी की सटीकता, रेस्टोरेंट विकल्पों की विशाल विविधता और लाइव ट्रेन ट्रैकिंग तकनीक है। स्विगी का बैकएंड सिस्टम ट्रेन के वास्तविक समय के आगमन और प्रस्थान समय (Live Train Running Status) के साथ सिंक रहता है, जिससे ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर रुकते ही निर्धारित समय पर डिलीवरी बॉय यात्री की बोगी और सीट नंबर पर खाना डिलीवर कर देता है।
शुरुआत में नई दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और कोलकाता जैसे मेट्रो शहरों के स्टेशनों पर केंद्रित यह सेवा अब देश के 201 स्टेशनों पर पूरी तरह सक्रिय है। स्विगी के अनुसार, मेट्रो शहरों के मुकाबले टियर-2 और टियर-3 जंक्शनों—जैसे भोपाल, विजयवाड़ा, पटना, जयपुर, नागपुर, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, भुसावल और झांसी—पर ट्रेन डिलीवरी की मांग में सबसे तेज उछाल देखा गया है।
इन स्टेशनों पर लंबी दूरी की ट्रेनों का ठहराव 5 से 15 मिनट का होता है, और इतने कम समय में भी बिना किसी चूक के आर्डर डिलीवर करने के लॉजिस्टिक्स मॉडल ने यात्रियों का भरोसा जीता है।
ट्रेन में सफर के दौरान खानपान की गुणवत्ता हमेशा से यात्रियों के लिए एक बड़ा चिंता का विषय रही है। स्विगी की इस सर्विस ने यात्रियों को पूरी आजादी दी है कि वे:
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हल्दीराम, बीकानेरवाला, केएफसी, मैकडॉनल्ड्स, सबवे जैसे राष्ट्रीय ब्रांड्स से खाना ऑर्डर कर सकें।
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हर स्टेशन के प्रसिद्ध स्थानीय व्यंजनों (जैसे आगरा का पेठा, नागपुर का संतरा बर्फी, दक्षिण भारत का मसाला डोसा या उत्तर भारत की थाली) का स्वाद ले सकें।
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शुद्ध शाकाहारी और जैन भोजन (Jain Food) के लिए विशेष रूप से प्रमाणित किचन से डिलीवरी प्राप्त कर सकें।
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स्वच्छ और सीलबंद पैकेजिंग के साथ सुरक्षित भोजन प्राप्त कर सकें।
यात्री स्विगी ऐप या आईआरसीटीसी ई-कैटरिंग के जरिए आसानी से ऑर्डर बुक कर सकते हैं:
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स्विगी ऐप खोलें और सर्च बार में ‘Food on Train’ या ‘Train Delivery’ विकल्प चुनें।
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अपना 10 अंकों का पीएनआर (PNR) नंबर दर्ज करें।
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ऐप स्वचालित रूप से ट्रेन का रूट, आगामी स्टॉपेज और उन स्टेशनों पर उपलब्ध रेस्टोरेंट्स की लिस्ट दिखाएगा।
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अपनी पसंद का स्टेशन और पसंदीदा रेस्टोरेंट से खाना कार्ट में जोड़ें।
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ऑनलाइन पेमेंट (UPI, कार्ड, नेट बैंकिंग) करें या कैश ऑन डिलीवरी (जहां उपलब्ध हो) चुनें।
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ट्रेन के उस स्टेशन पर पहुंचते ही डिलीवरी पार्टनर आपकी सीट/बर्थ पर खाना डिलीवर कर देगा।
भारतीय रेलवे का यात्री नेटवर्क प्रतिदिन 2 करोड़ से अधिक लोगों को गंतव्य तक पहुंचाता है। ऐसे में रेलवे ई-कैटरिंग बाजार फूड टेक कंपनियों के लिए एक विशाल और अछूता अवसर बनकर उभरा है। स्विगी और उसकी प्रतिद्वंद्वी कंपनी जोमैटो (Zomato) दोनों इस स्पेस में अपनी उपस्थिति तेजी से मजबूत कर रही हैं।
स्विगी का लक्ष्य आने वाले महीनों में इस सर्विस को 300 से अधिक स्टेशनों तक ले जाना और प्रीमियम ट्रेनों (वंदे भारत, राजधानी, दुरंतो) के साथ-साथ सामान्य एक्सप्रेस ट्रेनों के यात्रियों तक अपनी पहुंच को और गहरा करना है।
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