
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार ने एक बार फिर सभी पारंपरिक आर्थिक अनुमानों को गलत साबित करते हुए रिकॉर्ड स्तर की तेजी दर्ज की है। मारुति सुजुकी, हुंडई, टाटा मोटर्स और महिंद्रा जैसी दिग्गज कंपनियों द्वारा इनपुट लागत और परिचालन खर्चों का हवाला देकर जुलाई और अगस्त के महीनों में वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी। सामान्य बाजार नियमों के अनुसार दाम बढ़ने पर मांग में सुस्ती आनी चाहिए थी, लेकिन हालिया जारी हुए ऑटो सेल्स और रजिस्ट्रेशन आंकड़ों ने इंडस्ट्री विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है। कीमतों में ₹30,000 तक की वृद्धि के बावजूद डीलरशिप्स पर ग्राहकों की भारी भीड़ देखने को मिली और गाड़ियों की रिकॉर्ड डिलीवरी दर्ज की गई।
सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के चौंकाने वाले आंकड़े
ऑटो इंडस्ट्री की सर्वोच्च संस्था सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जुलाई और अगस्त के दौरान पैसेंजर व्हीकल्स (PV) की घरेलू बिक्री में सालाना आधार पर 33 प्रतिशत से अधिक की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कुल पैसेंजर व्हीकल डिस्पैच का आंकड़ा 4.5 लाख यूनिट्स के पार पहुंच गया, जो अब तक का ऐतिहासिक उच्च स्तर है। इस दौरान देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने पहली बार घरेलू बाजार में 2 लाख मासिक बिक्री का आंकड़ा पार कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। वहीं टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टोयोटा ने भी दोहरे अंकों में मजबूत ग्रोथ दर्ज की है।
दाम बढ़ने के बाद भी क्यों उमड़े खरीदार? रिपोर्ट में खुली असली वजह
ऑटोमोबाइल सेक्टर के विश्लेषकों का मानना है कि इस मांग के पीछे सबसे बड़ा कारण आगामी त्योहारी सीजन से पहले की अग्रिम खरीदारी (Pre-Price Hike Buying) और बेहतर उपभोक्ता धारणा है। खरीदारों को यह स्पष्ट संदेश मिल चुका था कि अगस्त के बाद त्योहारी सीजन के दौरान कारों की कीमतों में और अधिक इजाफा हो सकता है या वेटिंग पीरियड लंबा खिंच सकता है। इसके साथ ही, ऑटो लोन पर ब्याज दरों में स्थिरता, आसान फाइनेंसिंग विकल्प और आकर्षक ईएमआई योजनाओं ने मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए नई कार खरीदना आसान बना दिया। कंपनियों द्वारा दी गई कुछ चुनिंदा मॉडलों पर प्राइस प्रोटेक्शन स्कीम ने भी ग्राहकों को बुकिंग कन्फर्म करने के लिए प्रेरित किया।
एसयूवी और सीएनजी सेगमेंट का दबदबा बरकरार
बिक्री के आंकड़ों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर यह साफ होता है कि भारतीय खरीदारों की प्राथमिकता अब पूरी तरह से प्रीमियम और उपयोगिता आधारित वाहनों की ओर शिफ्ट हो चुकी है। कुल यात्री वाहन बिक्री में 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी अकेले कॉम्पैक्ट और मिड-साइज एसयूवी (SUV) सेगमेंट की रही है। हुंडई क्रेटा, मारुति ब्रेजा, टाटा नेक्सन और महिंद्रा स्कॉर्पियो जैसे मॉडल्स की मांग में कोई कमी नहीं आई है। इसके अतिरिक्त, पेट्रोल-डीजल के खर्च से बचने के लिए सीएनजी और हाइब्रिड गाड़ियों की मांग में 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे यह साबित होता है कि ग्राहक रनिंग कॉस्ट बचाने के लिए upfront मूल्य वृद्धि को नजरअंदाज करने के लिए तैयार हैं।
मेट्रो से लेकर टियर-2 और टियर-3 शहरों में मजबूत लोकल डिमांड
यह तेजी केवल दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे टियर-1 महानगरों तक सीमित नहीं रही। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, राजस्थान के जयपुर, मध्य प्रदेश के इंदौर और गुजरात के सूरत जैसे टियर-2 और टियर-3 शहरों के स्थानीय डीलरों ने भी पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 25 से 35 प्रतिशत अधिक डिलीवरी की पुष्टि की है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में अनुकूल मानसूनी परिस्थितियों के कारण कृषि आय में सुधार की उम्मीद ने भी स्थानीय स्तर पर ऑटो शोरूम्स के फुटफॉल को काफी मजबूत बनाए रखा है।
एआई सर्च और डिजिटल बुकिंग्स ने बदली खरीदारी की दिशा
आधुनिक दौर में ग्राहक शोरूम जाने से पहले जेनरेटिव एआई टूल्स और सर्च इंजनों के माध्यम से ऑन-रोड प्राइस, सेफ्टी रेटिंग्स, माइलेज और रीसेल वैल्यू का विस्तृत विश्लेषण कर रहे हैं। डिजिटल बुकिंग्स और ऑनलाइन लोन प्री-अप्रूवल के चलते खरीदारी का निर्णय पहले की तुलना में काफी तेज हुआ है। यही कारण है कि मूल्य वृद्धि की आधिकारिक घोषणा होते ही डिजिटल चैनलों के माध्यम से बुकिंग्स में अचानक उछाल देखा गया।
आने वाले त्योहारी सीजन के लिए क्या हैं संकेत?
जुलाई और अगस्त में दर्ज की गई यह अप्रत्याशित मांग आगामी गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दशहरा और दिवाली के लिए एक बेहद मजबूत आधार तैयार कर रही है। हालांकि, डीलर्स के पास इन्वेंट्री मैनेजमेंट और हाई-डिमांड मॉडल्स पर वेटिंग पीरियड को नियंत्रित करना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। यदि सप्लाई चेन सामान्य बनी रहती है, तो चालू वित्त वर्ष में भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग अपने अब तक के सारे पुराने बिक्री रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ सकता है।
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