
देश के टेलीकॉम और डिजिटल सर्विसेज सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) के बहुप्रतीक्षित आईपीओ (IPO) को लेकर बाजार में सुगबुगाहट तेज हो गई है। ब्लूमबर्ग की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनी अपने इस मेगा आईपीओ के जरिए भारतीय शेयर बाजार में इतिहास रचने की तैयारी कर रही है। कंपनी इस इश्यू के माध्यम से भारी-भरकम फंड जुटाने की योजना बना रही है, जिससे देश के प्राइमरी मार्केट में एक नया रिकॉर्ड बन सकता है। आइए जानते हैं जियो के इस संभावित आईपीओ से जुड़ी सभी अहम बातें।
₹1,065 से ₹1,119 तक हो सकता है प्राइस बैंड
रिपोर्ट के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स अपने इस आईपीओ के लिए 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय करने पर विचार कर रही है। इस इश्यू के जरिए कंपनी का लक्ष्य लगभग 30,200 करोड़ रुपये जुटाने का है। अगर यह आईपीओ इसी आकार के साथ बाजार में उतरता है, तो यह भारत के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ साबित होगा। इससे पहले अक्टूबर 2024 में आया हुंडई मोटर इंडिया का 27,800 करोड़ रुपये का आईपीओ देश का सबसे बड़ा आईपीओ रहा है। हालांकि, अंतिम समय में कंपनी की ओर से कीमत और वैल्यूएशन में बदलाव भी किया जा सकता है।
21 अक्टूबर से खुल सकता है सब्सक्रिप्शन के लिए इश्यू
संभावित समयसीमा की बात करें तो ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में बताया गया है कि जियो प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ आगामी 21 अक्टूबर को निवेशकों के लिए खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद हो जाएगा। वहीं, बड़े और एंकर निवेशकों के लिए इसकी बुकिंग 19 अक्टूबर को ही शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। निवेशकों के बीच शेयर के आवंटन के बाद इसकी स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्टिंग 28 अक्टूबर के आसपास हो सकती है। हालांकि, ये सभी तारीखें अभी संभावित हैं और बाजार की स्थिति के आधार पर इनमें संशोधन किया जा सकता है।
कंपनी का वैल्यूएशन और नए शेयरों की योजना
जियो प्लेटफॉर्म्स ने इस साल जून के महीने में ही अपने आईपीओ के लिए ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस दाखिल कर दिया था। योजना के तहत कंपनी अधिकतम 2.7 करोड़ नए शेयर जारी करने की तैयारी में है। विशेषज्ञों की गणना के अनुसार, ये नए शेयर इश्यू के बाद कंपनी की कुल इक्विटी पूंजी का लगभग 2.93% हिस्सा होंगे। जहां पहले कंपनी का कुल वैल्यूएशन 11 लाख करोड़ रुपये यानी लगभग 130 से 170 अरब डॉलर तक आंका जा रहा था, वहीं मौजूदा बाजार की स्थितियों और बिकवाली के दबाव को देखते हुए नया वैल्यूएशन थोड़ा कम यानी करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये (लगभग 107 अरब डॉलर) तक रहने का अनुमान लगाया गया है।
बड़े बैंकों को मिली है जिम्मेदारी और मजबूत कंसोर्टियम
इस ऐतिहासिक आईपीओ प्रक्रिया को सफलताપूर्वक संपन्न कराने के लिए जियो प्लेटफॉर्म्स ने देश-विदेश के कुल 19 बड़े बैंकिंग संस्थानों को जिम्मेदारी सौंपी है। इस मजबूत कंसोर्टियम में कोटक महिंद्रा कैपिटल, मॉर्गन स्टैनली, बैंक ऑफ अमेरिका, एक्सिस कैपिटल, बीएनपी पारिबा और सिटीग्रुप जैसे दिग्गज वित्तीय संस्थान शामिल हैं। बाजार के जानकारों का मानना है कि जियो का यह आईपीओ भारतीय टेलीकॉम और तकनीक बाजार की दिशा को पूरी तरह से बदलकर रख देगा और खुदरा निवेशकों के साथ-साथ संस्थागत निवेशकों के लिए भी यह एक बड़ा निवेश अवसर साबित होगा।
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