जनगणना 2027 की तैयारी तेज: 25 अप्रैल से घर-घर पहुंचेगी टीम, 10 अप्रैल से शुरू होगी सेल्फ एन्यूमरेशन

जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। बुधवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में प्रेस वार्ता के दौरान दीपक कुमार ने विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 के प्रथम चरण में उत्तराखंड में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य 25 अप्रैल 2026 से 24 मई 2026 तक किया जाएगा। इस दौरान घर-घर जाकर आंकड़े एकत्र करेंगे।

पहली बार वेब पोर्टल के जरिए खुद भर सकेंगे जानकारी

दीपक कुमार गैरोला ने बताया कि इससे पहले 10 अप्रैल से 24 अप्रैल तक नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने के लिए सेल्फ एन्यूमरेशन की सुविधा दी जाएगी। इस बार जनगणना में तकनीक का बड़ा इस्तेमाल किया जा रहा है। नागरिक सेन्सस सेल्फ एन्यूमरेशन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए परिवार के मुखिया का नाम और एक मोबाइल नंबर अनिवार्य होगा। एक मोबाइल नंबर केवल एक ही परिवार के लिए मान्य रहेगा। पूरी प्रक्रिया में करीब 15 से 20 मिनट का समय लगेगा और दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

दूसरे चरण में फरवरी 2027 में होगी जनसंख्या गणना

जनगणना का दूसरा चरण यानी जनसंख्या गणना 9 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक आयोजित की जाएगी। वहीं, हिमाच्छादित क्षेत्रों के 131 गांव और 3 नगरों में विशेष प्रावधान के तहत 11 सितंबर से 30 सितंबर 2026 के बीच गणना की जाएगी। सचिव ने बताया कि जनगणना-2027 कई मायनों में खास होगी। यह पहली बार होगा जब पूरी प्रक्रिया 100 प्रतिशत डिजिटल माध्यम से की जाएगी। प्रगणक और पर्यवेक्षक अपने मोबाइल फोन के जरिए डेटा कलेक्ट करेंगे और पूरी मॉनिटरिंग Census Management and Monitoring System पोर्टल के जरिए की जाएगी।

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प्रशासनिक तैयारियां पूरी

राज्य में इस कार्य के लिए जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को प्रमुख जनगणना अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा 23 मास्टर ट्रेनर्स और 555 फील्ड ट्रेनर्स का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है, जबकि प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की ट्रेनिंग जारी है। सचिव ने प्रदेश के नागरिकों से अपील की है कि वे घर-घर आने वाले प्रगणकों को सही जानकारी दें और अधिक से अधिक संख्या में सेल्फ एन्यूमरेशन का उपयोग करें।