जंतर-मंतर पर प्रदर्शन: दीपक बलियान को हिरासत में लेने का दावा, भड़की कांग्रेस बोली- ‘यह सरकार की बौखलाहट’

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर को होने वाले बड़े शक्ति प्रदर्शन से ठीक पहले राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने दावा किया है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित आंदोलन को कुचलने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से उनके प्रमुख पदाधिकारियों की धरपकड़ शुरू कर दी गई है। संगठन के सह प्रभारी दीपक बलियान को राजस्थान से पुलिस द्वारा जबरन हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आते ही विपक्षी खेमे में भारी उबाल आ गया है। इस कार्रवाई पर कांग्रेस पार्टी ने बेहद तीखा रुख अपनाते हुए केंद्र की एनडीए सरकार पर लोकतंत्र का गला घोंटने और तानाशाही रवैया अपनाने का सीधा आरोप लगाया है।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को युवाओं और छात्र संगठनों के एक विशाल जमावड़े का ऐलान किया गया है, जिसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से भारी संख्या में युवाओं के शामिल होने का दावा किया जा रहा है। इस महाप्रदर्शन की तैयारियों के बीच सीजेपी के वरिष्ठ नेता आशुतोष रांका ने गुरुवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सिलसिलेवार पोस्ट साझा करते हुए पुलिसिया कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संगठन के राष्ट्रीय सह प्रभारी दीपक बलियान को राजस्थान पुलिस अचानक जबरन उठाकर थाने ले गई है। संगठन का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने और कार्यकर्ताओं में भय पैदा करने के लिए सुनियोजित तरीके से नेताओं की धरपकड़ की जा रही है।

सीजेपी नेताओं की हिरासत की खबरों के सामने आते ही विपक्षी दलों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। बिहार कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने इस मामले पर सीधा बयान जारी करते हुए कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाने वाले किसी भी विपक्षी नेता या संगठन के कार्यकर्ता को इस तरह बिना किसी ठोस आधार के गिरफ्तार करना पूरी तरह से अलोकतांत्रिक और अस्वीकार्य है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को एनडीए सरकार की घबराहट और हताशा का स्पष्ट परिणाम बताया। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन सत्ता पक्ष विपक्ष के हर लोकतांत्रिक विरोध को पुलिस के बल पर कुचलने की कोशिश कर रहा है।

डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने इस मौके पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और कथित वोट चोरी के पुराने विवादों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्पेशल समरी रिवीजन (एसआईआर) की आड़ में चुनावी गड़बड़ियों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिहार चुनाव के दौरान ही ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के माध्यम से पूरे देश को पहले ही आगाह कर दिया था। कांग्रेस का आरोप है कि संवैधानिक संस्थाओं की आड़ में सरकार अपनी नीतियों को लागू करती रही है और अब जब जनता सड़कों पर उतरकर जवाब मांगने की तैयारी में है, तो प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दमनकारी कदम उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस नेता का दावा है कि विपक्षी दलों की एकजुटता और युवाओं के आक्रोश को देखकर सरकार लगातार बैकफुट पर आ चुकी है और इसी डर की वजह से ऐसी कार्रवाइयां की जा रही हैं।