Prabhat Vaibhav, Digital Desk : उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के आगामी सीजन को देखते हुए हरिद्वार पुलिस प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए अपना विस्तृत ‘ट्रैफिक प्लान’ जारी कर दिया है। श्रद्धालुओं की भारी आमद को देखते हुए हरिद्वार शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह ने स्पष्ट किया है कि यातायात का दबाव बढ़ने पर भारी वाहनों को शहर की सीमा (बॉर्डर) पर ही रोक दिया जाएगा।
भारी वाहनों और पार्किंग के लिए विशेष व्यवस्था
यातायात के दबाव को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने होल्डिंग एरिया और पार्किंग जोन निर्धारित किए हैं:
होल्डिंग एरिया: दबाव बढ़ने पर भारी वाहनों को नगला इमरती से डायवर्ट कर बैरागी कैंप पार्किंग में रोका जाएगा। सामान्य स्थिति में चमगादड़ टापू को मुख्य होल्डिंग एरिया बनाया गया है।
एंट्री और एग्जिट: चमगादड़ टापू को अलग-अलग सेक्टरों में बांटा गया है, जहां प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग होंगे।
सिंहद्वार मार्ग: ट्रैफिक कम करने के लिए वाहनों को गुरुकुल कांगड़ी सर्विस लेन से सिंहद्वार होते हुए शंकराचार्य चौक की ओर भेजा जाएगा।
श्रद्धालुओं के लिए निर्धारित रूट डायवर्जन
विभिन्न शहरों से आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए अलग-अलग मार्ग तय किए गए हैं:
दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर और पंजाब: ये वाहन नारसन, मंगलौर और कोर कॉलेज होते हुए हरिद्वार आएंगे। भीड़ ज्यादा होने पर इन्हें लक्सर और जगजीतपुर के रास्ते बैरागी कैंप भेजा जाएगा।
सहारनपुर और बिहारीगढ़: इन वाहनों के लिए मोहंड मार्ग का विकल्प रखा गया है।
मुरादाबाद और नजीबाबाद: छोटे वाहनों को चिड़ियापुर और चंडी चौकी मार्ग से भेजा जाएगा, जबकि बड़े वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर रुकना होगा।
ऋषिकेश और देहरादून: इन वाहनों के लिए नेपाली फार्म-रायवाला मार्ग तय है। चीला मार्ग का उपयोग ऋषिकेश की ओर से केवल निकासी (Exit) के लिए किया जाएगा।
शहर के भीतर पाबंदियां
स्थानीय यातायात को नियंत्रित करने के लिए भी कड़े कदम उठाए गए हैं:
ऑटो-विक्रम पर नियंत्रण: ट्रैफिक बढ़ने पर ऑटो और विक्रमों को केवल जयराम मोड़ तक ही जाने की अनुमति होगी।
प्रतिबंधित क्षेत्र: ललतारो पुल से शिवमूर्ति चौक तक सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
नहर पटरी का उपयोग: टोल प्लाजा पर अधिक भीड़ होने की स्थिति में निकासी के लिए नहर पटरी मार्ग का उपयोग किया जाएगा।
पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे इस यातायात योजना का पालन करें और किसी भी असुविधा की स्थिति में उत्तराखंड पुलिस की सहायता लें।
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