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घर के सीनियर सिटीजन को पक्का मिलेगा बंपर रिटर्न: 555 दिनों वाली स्पेशल FD पर ये 5 बैंक दे रहे हैं तगड़ा ब्याज; देखें पूरी लिस्ट

नई दिल्ली। सुरक्षित निवेश और निश्चित आय चाहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैंकों की स्पेशल फिक्स्ड डिपॉजिट (Special FD) योजनाएं हमेशा से सबसे भरोसेमंद विकल्प रही हैं। सामान्य 1 या 2 साल की पारंपरिक एफडी की तुलना में बैंक अक्सर विशेष अवधियों (जैसे 400, 555 या 777 दिन) के लिए आकर्षक ब्याज दरें पेश करते हैं।

वर्तमान में 555 दिनों (लगभग 1.5 वर्ष) की विशेष अवधि पर कई प्रमुख वाणिज्यिक बैंक सीनियर सिटीजन्स को सामान्य ग्राहकों के मुकाबले 25 से 50 बेसिस प्वाइंट्स (0.25% से 0.50%) तक का अतिरिक्त ब्याज दे रहे हैं। यदि आपके घर में भी बुजुर्ग हैं, तो इस टेन्योर पर सुरक्षित रिटर्न पाने के लिए 5 शीर्ष बैंकों की ब्याज दरों का तुलनात्मक विवरण नीचे दिया गया है।

बैंक का नाम सीनियर सिटीजन ब्याज दर (वार्षिक) सामान्य नागरिक ब्याज दर मुख्य विशेषता / प्रकार
सिटी यूनियन बैंक (City Union Bank) 7.50% 7.25% 555 दिनों के टेन्योर पर सबसे अधिक दर
कर्नाटक बैंक (Karnataka Bank) 7.40% 7.00% 40 बीपीएस अतिरिक्त सीनियर प्रीमियम
बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) 7.25% 6.75% सुरक्षित पब्लिक सेक्टर बैंक (PSU)
इंडियन बैंक (Indian Bank) 7.15% 6.65% 50 बीपीएस का अतिरिक्त लाभ
केनरा बैंक (Canara Bank) 7.10% 6.60% भरोसेमंद सरकारी बैंक नेटवर्क

(स्रोत: बैंकों की आधिकारिक ब्याज दरें व वित्तीय रिपोर्ट। दरें समय-समय पर बैंक के एसेट-लायबिलिटी कमेटी (ALCO) के फैसलों के अनुसार परिवर्तनशील होती हैं)।

यदि कोई वरिष्ठ नागरिक 555 दिनों के लिए ₹5 लाख की एकमुश्त राशि जमा करता है:

  • 7.50% की दर पर (सिटी यूनियन बैंक): त्रैमासिक कंपाउंडिंग (Quarterly Compounding) के आधार पर 555 दिनों में लगभग ₹59,000 से ₹61,000 तक का केवल ब्याज अर्जित होगा।

  • नियमित पेंशन आय का विकल्प: वरिष्ठ नागरिक चाहें तो ब्याज को मैच्योरिटी पर एकमुश्त लेने (Cumulative) के बजाय मासिक या त्रैमासिक भुगतान (Non-Cumulative) के रूप में भी प्राप्त कर सकते हैं, जिससे घरेलू खर्चों के लिए नियमित आय मिलती रहती है।

  1. धारा 80TTB और TDS नियम: आयकर अधिनियम की धारा 80TTB के तहत सीनियर सिटीजन्स को एक वित्तीय वर्ष में बैंक एफडी/बचत ब्याज पर ₹50,000 तक की कटौती (टैक्स छूट) मिलती है। ब्याज आय सीमा से ऊपर जाने पर बैंक टीडीएस (TDS) काटते हैं। यदि कुल कर योग्य आय बेसिक छूट सीमा से कम है, तो टीडीएस से बचने के लिए शाखा में फॉर्म 15H जमा किया जा सकता है।

  2. DICGC इंश्योरेंस सुरक्षा: आरबीआई की सहायक संस्था डीआईसीजीसी (DICGC) के नियमों के तहत प्रत्येक बैंक में जमाकर्ता की मूलधन और ब्याज मिलाकर कुल ₹5 लाख तक की राशि पूरी तरह बीमित और सुरक्षित होती है।

  3. प्री-मैच्योर विड्रॉल नियम: आपातकाल में समय से पहले एफडी तोड़ने पर बैंक अमूमन 0.5% से 1% तक की पेनल्टी लगाते हैं। अतः केवल उसी राशि को लॉक करें जिसकी आवश्यकता अगले 555 दिनों तक न हो।