ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करेगी CureBay: 100 करोड़ की नई फंडिंग जुटाई, जानिए किन निवेशकों ने लगाया पैसा

ग्रामीण भारत में प्राथमिक और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच आसान बनाने में जुटी हेल्थटेक कंपनी क्योरबे (CureBay) ने अपने विस्तार के लिए एक बड़ा वित्तीय संबल हासिल किया है। भुवनेश्वर स्थित इस रूरल हेल्थकेयर स्टार्टअप ने अपने प्री-सीरीज सी (Pre-Series C) फंडिंग राउंड में करीब ₹100 करोड़ ($10.5 मिलियन से अधिक) की पूंजी जुटाई है। देश के सुदूर गांवों, कस्बों और छोटे शहरों में डॉक्टरों की कमी, डायग्नोस्टिक सुविधाओं का अभाव और दवाइयों की अनुपलब्धता हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। क्योरबे अपने ‘हाइब्रिड क्लिनिक मॉडल’ यानी फिजिकल ई-क्लिनिक और डिजिटल टेलीकंसल्टेशन के तालमेल से ग्रामीण मरीजों को बड़े शहरों के विशेषज्ञ डॉक्टरों और गुणवत्तापूर्ण दवाओं से जोड़ रहा है। इस नए फंडिंग राउंड से मिले फंड का इस्तेमाल कंपनी अपने क्लिनिक नेटवर्क को तीन गुना करने और स्वास्थ्य जांच के लिए आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स विकसित करने में करेगी।

क्योरबे के इस ₹100 करोड़ के फंडिंग राउंड की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें इक्विटी निवेश के साथ-साथ संस्थागत वेंचर डेट (ऋण पूंजी) का संतुलित मिश्रण शामिल है।

  • लीड इन्वेस्टर (इक्विटी): इस राउंड का नेतृत्व प्रमुख वेंचर कैपिटल फर्म आईवीकैप वेंचर्स (IvyCap Ventures) ने किया है। आईवीकैप ने कंपनी के मौजूदा शेयरधारकों के साथ मिलकर कुल पूंजी में से लगभग ₹69 करोड़ का इक्विटी निवेश किया है।

  • वेंचर डेट पार्टनर्स: शेष बची हुई ₹30 करोड़ से अधिक की राशि वेंचर डेट के रूप में जुटाई गई है। इसमें देश के शीर्ष ऋण फंड—ट्राइफेक्टा कैपिटल (Trifecta Capital), अल्टेरिया कैपिटल (Alteria Capital) और वेंचरसोल पार्टनर्स (VentureSoul Partners)—ने संयुक्त रूप से भागीदारी की है।

  • पुराने बड़े निवेशक: इससे पहले क्योरबे बर्तेल्समैन इंडिया इन्वेस्टमेंट्स (Bertelsmann India Investments), ब्रिटिश इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट (BII) और एलेवार इक्विटी (Elevar Equity) जैसे वैश्विक निवेशकों से करीब 3.4 करोड़ डॉलर (लगभग ₹280 करोड़) से अधिक की पूंजी जुटा चुकी है। ग्रामीण क्लिनिक मॉडल पर संस्थागत ऋणदाताओं द्वारा इतना बड़ा चेक जारी करना यह दर्शाता है कि कंपनी के कैश-फ्लो और ग्रामीण बाजार के रेवेन्यू मॉडल पर निवेशकों का भरोसा गहरा हुआ है।

कंपनी जुटाए गए फंड का एक बड़ा हिस्सा अपने जमीनी नेटवर्क को अभूतपूर्व विस्तार देने में खर्च करेगी।

  • क्लिनिक्स का तिगुना विस्तार: वर्तमान में क्योरबे ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों के ग्रामीण अंचलों में लगभग 250 ई-क्लिनिक्स संचालित कर रही है। कंपनी का लक्ष्य अगले तीन वर्षों के भीतर इन ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 800 तक पहुंचाना है।

  • टियर-3 और टियर-4 शहरों का जुड़ाव: इन क्लिनिक्स के माध्यम से गांव के मरीजों को उनके घर के 5 से 10 किलोमीटर के दायरे में ही प्राथमिक डॉक्टर परामर्श, ईसीजी, ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट और आवश्यक दवाएं एक ही छत के नीचे मिल जाती हैं।

  • बड़े अस्पतालों से रेफरल समन्वय: यदि किसी मरीज को गंभीर बीमारी (टर्शियरी केयर) या सर्जरी की आवश्यकता होती है, तो कंपनी अपने पार्टनर अस्पतालों के साथ मिलकर मरीज की भर्ती, एम्बुलेंस और इलाज की पारदर्शी व्यवस्था में मदद करती है।

क्योरबे केवल फिजिकल सेंटर खोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह मेडिकल तकनीक और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए भी इस पूंजी का उपयोग कर रही है। कंपनी हाई-एंड ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (GPUs) हासिल कर अपने खुद के एआई डायग्नोस्टिक और स्क्रीनिंग मॉडल्स को प्रशिक्षित कर रही है। वर्तमान में कंपनी ने त्वचा रोग (Dermatology), दांतों की शुरुआती जांच (Dental) और हीमोग्लोबिन स्तर की गैर-आक्रामक जांच के लिए आधुनिक सॉफ्टवेयर टूल्स तैयार किए हैं। इससे ग्रामीण स्तर पर तैनात पैरामेडिकल स्टाफ बिना किसी बड़े विशेषज्ञ की मौजूदगी के भी मरीज की शुरुआती जांच सटीकता से कर सकता है और डेटा को सीधे शहर के विशेषज्ञ डॉक्टर के पास टेली-रिव्यू के लिए भेज सकता है।

साल 2021 में प्रियदर्शी महापात्रा, शोभन महापात्रा और संजय स्वैन द्वारा स्थापित क्योरबे ने पिछले कुछ वर्षों में व्यावसायिक मोर्चे पर जबर्दस्त रफ्तार पकड़ी है। कंपनी का वित्त वर्ष 2024-25 का राजस्व ₹70.41 करोड़ दर्ज हुआ था, जो इससे पिछले वर्ष के ₹12.4 करोड़ के मुकाबले 467% का बड़ा उछाल था। वर्तमान में कंपनी का एनुअल रिकरिंग रेवेन्यू (ARR) लगभग ₹170 करोड़ के पार पहुंच रहा है और कंपनी ऑपरेटिंग एबिटा (Operating EBITDA) स्तर पर ब्रेक-ईवन हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। कंपनी का ग्रामीण स्वास्थ्य सुरक्षा सब्सक्रिप्शन प्लान ‘कवच’ (Kavach) भी ग्रामीण परिवारों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है, जो मामूली वार्षिक शुल्क में पूरे परिवार को नियमित हेल्थ चेकअप, मुफ्त डॉक्टर कंसल्टेशन और रियायती दरों पर दवाओं की होम-डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध कराता है।