गंगा एक्सप्रेसवे का महा-विस्तार: वेस्ट यूपी में बनेंगे दो नए इंटरचेंज, यमुना एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट से भी सीधे जुड़ेगा रूट

उत्तर प्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी ढांचागत परियोजनाओं में से एक ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ (Ganga Expressway) को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश (West UP) के विकास को नई रफ्तार देने वाली बड़ी खबर आई है। यूपीडा (UUPIDA) ने वेस्ट यूपी को इस एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ने के लिए दो बिल्कुल नए इंटरचेंज (एंट्री/एग्जिट पॉइंट) के निर्माण को हरी झंडी दे दी है।

इस बड़े फैसले से न केवल मेरठ और हापुड़, बल्कि बिजनौर, बागपत, मवाना और बुलंदशहर जैसे कई जिलों के यात्रियों और व्यापारियों को गंगा एक्सप्रेसवे तक सीधी और सुपरफास्ट पहुंच (Direct Access) मिल जाएगी। आइए जानते हैं क्या है पूरा नया कनेक्टिविटी प्लान और इससे जनता को क्या फायदे होंगे।

१. कहाँ बनेंगे दो नए इंटरचेंज? (Entry Points)

वर्तमान में गंगा एक्सप्रेसवे हापुड़-किठौर रोड के ऊपर से गुजरता है, लेकिन वहाँ नीचे सिर्फ एक अंडरपास है। किठौर और अटोला जैसे आस-पास के गांवों के लोगों को एक्सप्रेसवे पर चढ़ने के लिए कई किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है। अब इस समस्या को दूर करने के लिए दो कूटनीतिक पॉइंट चुने गए हैं:

  • पहला इंटरचेंज (हापुड़-किठौर रूट): यह महत्वपूर्ण इंटरचेंज हापुड़-किठौर मार्ग पर अटौला गांव के पास तैयार किया जाएगा।

  • दूसरा इंटरचेंज (हापुड़-मेरठ बॉर्डर): यह पॉइंट हापुड़ और मेरठ के बॉर्डर पर बनेगा, जो शाफियाबाद बॉर्डर और अटोला के रास्तों से होकर गुजरेगा।

जमीन अधिग्रहण और बजट: यूपीडा (UPEDA) से मंजूरी मिलने के बाद हापुड़ जिले में जमीन की मार्किंग का काम तेज हो गया है। इस परियोजना के लिए अटोला में ५१,३९३ वर्ग मीटर और किठौर लिंक के लिए लगभग ३ हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। किठौर रूट के शुरुआती काम के लिए ₹१० करोड़ के फंड को भी मंजूरी मिल चुकी है।

२. वेस्ट यूपी के इन जिलों और इंडस्ट्रियल जोन को होगा बंपर फायदा

इस नए इंटरचेंज के बनने से पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के व्यापारिक और औद्योगिक परिदृश्य को बड़ा लाभ मिलेगा:

  • ट्रैफिक का सुगम मार्ग: बागपत, बिजनौर और मवाना की तरफ से आने वाले भारी वाहनों और कारों के लिए वाया हापुड़-किठौर मार्ग होते हुए ६-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड गंगा एक्सप्रेसवे पर चढ़ना बेहद आसान हो जाएगा।

  • हापुड़ के औद्योगिक क्षेत्रों को पंख: हापुड़ जिले के चार प्रमुख औद्योगिक जोन— सिंभौली ईस्ट, सिंभौली वेस्ट, सदरपुर और पूठ की फैक्ट्रियों में बनने वाला सामान अब बिना किसी शहर के जाम में फंसे सीधे एक्सप्रेसवे के जरिए दिल्ली, मेरठ और आगे प्रयागराज (Prayagraj) तक बेहद कम समय में पहुंच सकेगा।

३. यमुना एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट से सीधे जुड़ेगा गंगा एक्सप्रेसवे

पश्चिमी यूपी को पूर्वांचल (Eastern UP) और दिल्ली-एनसीआर से पूरी तरह जोड़ने के लिए सरकार एक और महा-योजना पर काम कर रही है। गंगा एक्सप्रेसवे को नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधे जोड़ने के लिए एक बिल्कुल नए ७४.३ किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे (Greenfield Link Expressway) को मंजूरी दी गई है।

  • कहाँ से कहाँ तक: यह नया लिंक एक्सप्रेसवे बुलंदशहर के स्याना के पास गंगा एक्सप्रेसवे के ४४.३ किलोमीटर वाले पॉइंट से शुरू होगा। वहाँ से यह बीबी नगर और औरंगाबाद होते हुए ग्रेटर नोएडा के सेक्टर २१ में बन रही निर्माणाधीन फिल्म सिटी के पास सीधे यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) से मिल जाएगा।

  • परियोजना की लागत और चौड़ाई: लगभग १२० मीटर चौड़े इस शानदार लिंक हाईवे के निर्माण पर ₹४,००० करोड़ खर्च होंगे। इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) के लिए ₹१,२०४ करोड़ का भारी-भरकम फंड पहले ही मंजूर कर दिया है।

इस लिंक रूट के तैयार होने के बाद, प्रयागराज या वाराणसी की तरफ से आने वाले यात्री सीधे गंगा एक्सप्रेसवे से बिना उतरे सीधे जेवर एयरपोर्ट या नोएडा-ग्रेटर नोएडा में प्रवेश कर सकेंगे, जिससे उत्तर प्रदेश में परिवहन और लॉजिस्टिक्स की लागत में भारी कमी आएगी।