कोलकाता के लोगों की खुली किस्मत! पर्पल लाइन मेट्रो टनल का काम पूरा, अब जोका से एस्प्लेनेड पहुंचेंगे फटाफट

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दैनिक सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। कोलकाता मेट्रो के महत्वाकांक्षी पर्पल लाइन (Kolkata Metro Purple Line) प्रोजेक्ट ने एक ऐतिहासिक और बड़ा मील का पत्थर पार कर लिया है। इस रूट पर अंडरग्राउंड टनलिंग (Surang Nirman) का काम आधिकारिक तौर पर सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। टनल बोरिंग मशीनों द्वारा काम खत्म किए जाने के बाद अब जोका (Joka) से कोलकाता के दिल कहे जाने वाले एस्प्लेनेड (Esplanade) के बीच सीधी कनेक्टिविटी का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। इस रूट के शुरू होने से महानगर की सबसे व्यस्त सड़कों पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से लोगों को हमेशा के लिए बड़ी मुक्ति मिलने वाली है।

टनलिंग का काम हुआ पूरा: कैसे जोका से सीधे कनेक्ट होगा एस्प्लेनेड?

पर्पल लाइन मेट्रो का यह अंडरग्राउंड सेक्शन बेहद चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था, क्योंकि यह शहर के कई पुराने और घनी आबादी वाले इलाकों के नीचे से होकर गुजरता है। मेट्रो रेलवे के इंजीनियरों और तकनीकी टीमों ने आधुनिकतम तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए टनलिंग की इस कठिन प्रक्रिया को बिना किसी रुकावट के पूरा किया है। इस टनल के मुकम्मल होने से अब जोका, ठाकुरपुकुर और बेहाला जैसे सुदूर दक्षिण-पश्चिमी इलाकों के निवासी बेहद कम समय में सीधे सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट यानी एस्प्लेनेड पहुंच सकेंगे। एस्प्लेनेड स्टेशन एक बड़ा इंटरचेंज हब बनने जा रहा है, जो यात्रियों को ग्रीन लाइन (हावड़ा मैदान-साल्ट लेक) और नॉर्थ-साउथ ब्लू लाइन से भी सीधे जोड़ेगा।

यात्रा समय में आएगी भारी कमी: रोजाना सफर करने वालों को बड़ी राहत

कोलकाता मेट्रो और शहरी परिवहन विशेषज्ञों का कहना है: “पर्पल लाइन के इस महत्वपूर्ण अंडरग्राउंड लिंक के तैयार होने से डायमंड हार्बर रोड और आस-पास के इलाकों में गाड़ियों का दबाव 40 फीसदी तक कम हो जाएगा। जो सफर वर्तमान में बसों और ऑटो से तय करने में डेढ़ से दो घंटे का समय लेता था, वह अब मेट्रो के जरिए मात्र 25 से 30 मिनट में पूरा हो सकेगा। यह न केवल समय की बचत करेगा, बल्कि कामकाजी लोगों और छात्रों के लिए कोलकाता के स्थानीय सफर (Local Commute) को बेहद आरामदायक और प्रदूषण मुक्त बना देगा।”

रेलवे विकास निगम लिमिटेड (RVNL) अब टनल के भीतर ट्रैक बिछाने, सिग्नलाइजिंग सिस्टम इंस्टॉल करने और स्टेशनों के इंटीरियर फिनिशिंग के काम को युद्ध स्तर पर आगे बढ़ा रहा है।

स्थानीय रियल एस्टेट और दक्षिण कोलकाता के बाजारों को मिलेगा जबरदस्त बूस्ट

इस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का सीधा सकारात्मक असर कोलकाता के स्थानीय बाजारों और खासकर बेहाला व जोका (Geographical Area) के रियल एस्टेट सेक्टर पर देखने को मिल रहा है। मेट्रो टनलिंग पूरी होने की खबर से इन इलाकों में संपत्तियों के दाम और नए आवासीय प्रोजेक्ट्स की मांग तेजी से बढ़ने लगी है। टियर-2 और टियर-3 सब-अर्बन इलाकों से कोलकाता मुख्य शहर में आकर नौकरी व व्यापार करने वाले लोगों के लिए यह रूट एक लाइफलाइन साबित होगा। उम्मीद जताई जा रही है कि सभी तकनीकी ट्रायल और कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) की मंजूरी मिलने के बाद बहुत जल्द इस रूट पर कमर्शियल मेट्रो सेवाओं की शुरुआत कर दी जाएगी।