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कांग्रेस काल में जनता की मजदूरी लूट का श्रोत था मनरेगा, बिचौलियों और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी थी ग्रामीण मजदूरों की गाढ़ी कमाई-केशव प्रसाद मौर्य

श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने विपक्ष पर कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में मनरेगा जैसी योजनाएं केवल जनता की मजदूरी की लूट का एक बड़ा स्रोत बनकर रह गई थीं। पूर्ववर्ती सरकारों में भ्रष्टाचार और बिचौलियों का ऐसा तंत्र हावी था कि गरीब मजदूरों के हक का पैसा सीधे उनके हाथों तक पहुंचने के बजाय चंद भ्रष्ट लोगों की जेबों में चला जाता था.

उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तीकरण को ध्यान में रखते हुए कम से कम एक-तिहाई लाभार्थी महिलाएं होंगी। एकल महिलाओं, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिकों, ट्रांसजेंडर तथा अन्य कमजोर वर्गों को विशेष रोजगार गारंटी कार्ड उपलब्ध कराए जाएंगे तथा उन्हें रोजगार आवंटन में प्राथमिकता दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि योजना की सबसे बड़ी विशेषता रोजगार और मजदूरी की कानूनी गारंटी है। प्रत्येक पात्र परिवार को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा। मजदूरी का भुगतान निर्धारित दरों पर अधिकतम 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। यदि निर्धारित अवधि में रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो बेरोजगारी भत्ता देय होगा तथा यदि मस्टर रोल बंद होने के 15 दिन बाद भी मजदूरी का भुगतान नहीं होता है तो श्रमिकों को प्रतिदिन 0-05 प्रतिशत की दर से विलम्ब मुआवजा दिया जाएगा। प्रत्येक श्रमिक को शिकायत दर्ज कराने का भी पूर्ण अधिकार होगा।