कल ही चाहिए 5 लाख रुपये? जानिए आपके लिए कौन सा रास्ता है सबसे बेस्ट

जिंदगी कब, किसके सामने कौन सा आर्थिक संकट लाकर खड़ी कर दे, इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता। अचानक आने वाले मेडिकल इमरजेंसी, बिजनेस में भारी घाटा, घर की जरूरी मरम्मत या किसी बड़े पारिवारिक आयोजन के दौरान अचानक पैसों की भारी किल्लत हो जाना बहुत आम बात है। ऐसे में यदि आपके सामने अचानक यह सवाल खड़ा हो जाए कि आपको ‘कल ही 5 लाख रुपये चाहिए’, तो अच्छे-अच्छे लोगों के पसीने छूट जाते हैं। लेकिन आज के डिजिटल और आधुनिक वित्तीय दौर में घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि बैंकिंग सेक्टर में कई ऐसे तेज और सुरक्षित रास्ते मौजूद हैं जिनके जरिए आप चंद घंटों के भीतर 5 लाख रुपये की रकम का इंतजाम आसानी से कर सकते हैं। आइए एक फाइनेंशियल रिपोर्टर की नजर से जानते हैं कि आपके लिए इनमें से कौन सा रास्ता सबसे सुरक्षित और सबसे बेस्ट साबित हो सकता है।

अगर आपको कल ही 5 लाख रुपये की सख्त जरूरत है और आपका सिबिल स्कोर (CIBIL Score) बेहद शानदार यानी 750 या उससे ऊपर है, तो आपके लिए सबसे पहला और सबसे बेहतरीन विकल्प ‘प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन’ (Pre-approved Personal Loan) हो सकता है। आज के समय में एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, एसबीआई और एक्सिस जैसे तमाम प्रमुख बैंक अपने पुराने और भरोसेमंद ग्राहकों को बिना किसी कागजी कार्रवाई के सीधे उनके बैंक खाते में कुछ ही क्लिक्स के जरिए लोन ट्रांसफर कर देते हैं। इस रास्ते की सबसे बड़ी खूबी यह होती है कि आपको बैंक की लंबी लाइनों में खड़े होने की कोई जरूरत नहीं पड़ती और मोबाइल बैंकिंग ऐप के जरिए ही इंसटेंट अप्रूवल मिल जाता है। हालांकि, आपको यह ध्यान रखना होगा कि पर्सनल लोन का ब्याज दर अन्य सिक्योर लोन की तुलना में थोड़ा ज्यादा हो सकता है, लेकिन आपातकाल के समय समय बचाने के लिए यह सबसे अचूक उपाय है।

यदि आपका सिबिल स्कोर बहुत अच्छा नहीं है या फिर आपके पास प्री-अप्रूव्ड लोन का विकल्प उपलब्ध नहीं है, तो आपके लिए ‘गोल्ड लोन’ (Gold Loan) से बेहतर और सुरक्षित दूसरा कोई रास्ता नहीं हो सकता है। भारत में मणप्पुरम फाइनेंस, मुथूट फाइनेंस से लेकर तमाम बड़े बैंक और एनबीएफसी (NBFC) ग्राहकों को सोने के बदले हाथों-हाथ कैश या खाते में पैसे मुहैया कराते हैं। आपके घर में रखे पुराने जेवर या सोने के बिस्कुट को बैंक के लॉकर में रखकर महज 30 से 60 मिनट के भीतर 5 लाख रुपये तक का लोन आसानी से मिल जाता है। इस प्रक्रिया में किसी इनकम प्रूफ, सैलरी स्लिप या सिबिल स्कोर की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि बैंक के पास आपका सोना गिरवी रहता है। यही वजह है कि कल की तारीख में पैसों का जुगाड़ करने के लिए गोल्ड लोन को सबसे भरोसेमंद और तेज माध्यम माना जाता है।

अगर आपने पहले से ही कुछ बचत कर रखी है और आपके पास म्यूचुअल फंड (Mutual Fund), शेयर, बीमा पॉलिसियां या फिक्सड डिपॉजिट (FD) के रूप में निवेश मौजूद है, तो आपको अपने निवेश को तोड़ने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। आप अपने इन्हीं निवेशों पर लोन अगेंस्ट सिक्योरिटीज (Loan Against Securities) या लोन अगेंस्ट एफडी की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इस तरीके की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि बैंकों को इसमें किसी तरह का जोखिम नहीं होता, इसलिए वे बहुत ही कम ब्याज दर पर आपको 5 लाख रुपये का फंड तुरंत जारी कर देते हैं। साथ ही, आपका पुराना निवेश भी सुरक्षित रहता है और उस पर मिलने वाला रिटर्न भी बंद नहीं होता है। वित्तीय जानकारों की नजर में यह आपातकाल में पैसे जुटाने का सबसे समझदारी भरा और किफायती तरीका माना जाता है।

जिन लोगों के पास लंबे समय से इस्तेमाल किया जा रहा कोई अच्छा क्रेडिट कार्ड है, वे जरूरत पड़ने पर क्रेडिट कार्ड के जरिए ‘कैश एडवांस’ (Cash Advance) सुविधा का उपयोग कर सकते हैं। हालांकि, एटीएम से क्रेडिट कार्ड के जरिए नकद निकालने पर भारी-भरकम ब्याज और ट्रांजैक्शन फीस चुकानी पड़ती है, इसलिए इसे केवल आखिरी विकल्प के रूप में ही इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा, कई सैलरीड प्रोफेशनल्स के लिए बैंक ‘ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी’ (Overdraft Facility) देते हैं, जिसके तहत आप अपने बैंक खाते में शून्य बैलेंस होने के बावजूद एक तय सीमा तक यानी 5 लाख रुपये तक की रकम तुरंत निकाल सकते हैं और बाद में अपनी सुविधा के अनुसार उसका भुगतान कर सकते हैं।

जब भी आपको कल के कल 5 लाख रुपये जैसी बड़ी रकम की जरूरत पड़े, तो किसी भी लोन ऐप या गैर-कानूनी ऑनलाइन लेंडिंग प्लेटफॉर्म के बहकावे में बिल्कुल न आएं। आजकल बहुत से फर्जी लोन ऐप्स चंद मिनटों में लोन देने के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसा लेते हैं और बाद में भारी-भरकम ब्याज वसूलकर मानसिक प्रताड़ना देते हैं। हमेशा आरबीआई (RBI) द्वारा रजिस्टर्ड अधिकृत बैंकों और वित्तीय संस्थानों से ही संपर्क करें। लोन लेने से पहले उसके प्री-क्लोजर चार्ज, प्रोसेसिंग फीस और ब्याज दरों की अच्छी तरह से तुलना कर लें ताकि बाद में आपको किसी बड़े आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े। सूझबूझ और समझदारी से उठाया गया कदम ही आपके आपातकाल को आसान बना सकता है।