
देशभर में मानसून की आधिकारिक विदाई के बाद अब मौसमी गतिविधियों में दोहरा बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में सुबह और शाम की गुलाबी ठंड ने दस्तक दे दी है, वहीं बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण दक्षिण और मध्य भारत के कई हिस्सों में मौसम फिर करवट ले रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कल यानी बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 के लिए एक ताजा मौसम बुलेटिन जारी किया है। इसके तहत मध्य प्रदेश, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना सहित 6 प्रमुख राज्यों में तेज हवाओं (30 से 50 किमी/घंटा), गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने का येलो व ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। त्योहारों के बीच अचानक बदले इस मौसमी मिजाज ने आम लोगों, यात्रियों और दशहरा मेलों के आयोजकों की चिंता बढ़ा दी है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर अंडमान सागर और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) विकसित हो रहा है। इसके प्रभाव से तटीय प्रायद्वीपीय भारत में पूर्वी हवाओं का दबाव बढ़ गया है, जिससे भारी मात्रा में नमी का प्रवाह हो रहा है। इसके साथ ही मध्य भारत के ऊपर विपरीत हवाओं के मिलन से गरज-चमक वाले बादलों का निर्माण हो रहा है। इस वेदर सिस्टम के चलते अगले तीन से चार दिनों तक दक्षिण भारत के बड़े हिस्से में रुक-रुक कर भारी से बहुत भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने का पूर्वानुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार, केरल और माहे में कल 21 अक्टूबर से मौसमी गतिविधियों में भारी तेजी आने की संभावना है। राज्य के कई जिलों में व्यापक स्तर पर हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश दर्ज हो सकती है। आईएमडी ने तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा, अलप्पुझा, कोट्टायम और इडुक्की जैसे संवेदनशील पहाड़ी और तटीय इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
तटीय इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने के आसार हैं। अरब सागर से उठने वाली ऊंची लहरों और तेज हवाओं को देखते हुए मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है। निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी ढलानों पर मिट्टी धंसने (लैंडस्लाइड) की आशंका को देखते हुए स्थानीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों, यनम और रायलसीमा के क्षेत्रों में कल 21 अक्टूबर को बादलों की जोरदार आवाजाही के साथ कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। आईएमडी की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, विशाखापट्टनम, काकीनाडा, नेल्लोर, प्रकाशम, अनंतपुर और चित्तूर जिलों में छिटपुट भारी बारिश के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी और तेज हवाएं चल सकती हैं।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि खुले आसमान, खेतों और पेड़ों के नीचे काम करने वाले किसान विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने (Cloud to Ground Lightning) की प्रबल आशंका बनी हुई है। आंधी-तूफान के चलते बिजली के खंभे और पुराने पेड़ों की टहनियां टूटने से स्थानीय स्तर पर यातायात और बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है।
पूर्वोत्तर मानसून (नॉर्थ-ईस्ट मानसून) के सक्रिय होने की सुगबुगाहट के बीच तमिलनाडु के मौसम में बड़ा उलटफेर दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग ने कल 21 अक्टूबर के लिए चेन्नई, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, तिरुवल्लूर, कुड्डालोर, तिरुचिरापल्ली और तंजावुर सहित 17 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।
राजधानी चेन्नई और आसपास के उपनगरीय इलाकों में दिनभर घने बादल छाए रहने और दोपहर बाद या शाम के समय गरज के साथ तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। यहां हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। चक्रवाती दबाव के मजबूत होने के चलते तटीय तमिलनाडु में 23 अक्टूबर तक यह नम मौसम बरकरार रहने का अनुमान है।
उत्तर भारत से मानसून की विदाई के बाद मध्य प्रदेश में मौसम अमूमन शुष्क हो जाता है, लेकिन बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और मध्य भारत के ऊपर बन रही ट्रफ रेखा के प्रभाव से राज्य के दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में कल मौसम करवट लेगा।
बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, खंडवा, बुरहानपुर और जबलपुर संभाग के कुछ इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने, दोपहर बाद गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बन रही है। हालांकि, पश्चिमी और उत्तरी मध्य प्रदेश (ग्वालियर, चंबल, भोपाल और इंदौर) में मौसम मुख्य रूप से साफ रहेगा, जहां रात के पारे में हल्की गिरावट के साथ ठंडक का अहसास बढ़ेगा।
कर्नाटक के दक्षिण आंतरिक हिस्सों (South Interior Karnataka), जिनमें बेंगलुरु, मैसूरु, हासन और चामराजनगर शामिल हैं, में कल 21 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में भी बादलों की गड़गड़ाहट के साथ छिटपुट बारिश और 30 से 50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं।
पड़ोसी राज्य तेलंगाना के कई जिलों, विशेषकर हैदराबाद, खम्मम, वारंगल और नलगोंडा में दोपहर या शाम के समय थंडरस्टॉर्म और आकाशीय बिजली कड़कने की घटनाएं सामने आ सकती हैं। अचानक आने वाली तेज बौछारों के चलते शहरी इलाकों में ट्रैफिक जाम और जलजमाव की स्थिति पैदा हो सकती है।
दक्षिण और मध्य भारत के विपरीत, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड और बिहार में कल मौसम पूरी तरह शुष्क और साफ बना रहेगा। दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किए जाने का अनुमान है।
उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे प्रमुख शहरों में दिन में चटक धूप खिली रहेगी, जबकि रात और सुबह के समय मंद-मंद ठंडी हवाएं चलने से तापमान में गिरावट महसूस होगी। मौसम विभाग के मुताबिक, पहाड़ों पर बर्फबारी न होने तक उत्तर भारत के मैदानी भागों में फिलहाल बारिश का कोई अलर्ट नहीं है, जिससे त्योहारी खरीदारी और आउटडोर आयोजनों में मौसम पूरी तरह अनुकूल बना रहेगा। जिन 6 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट है, वहां के नागरिकों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
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