
नई दिल्ली/सर्राफा डेस्क। सुहागिनों के सबसे बड़े त्योहार करवाचौथ से ठीक एक दिन पहले देश भर के सर्राफा बाजारों में पीली धातु की चमक और बढ़ गई है। त्योहारी सीजन के चलते आभूषणों की भारी स्थानीय मांग और वैश्विक स्तर पर मची उठापटक के कारण सोने की कीमतों में एक बार फिर जोरदार तेजी दर्ज की गई है। दिल्ली से लेकर मुंबई, लखनऊ और चेन्नई तक सोने के भाव अपने नए रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गए हैं। त्योहारी खरीदारी के इस चरम समय में अचानक आई इस तेजी ने करवाचौथ और आगामी धनतेरस-दिवाली के लिए गहने खरीदने की योजना बना रहे आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव बढ़कर लगभग ₹1,44,163 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है, जबकि आभूषणों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने की दर ₹1,32,053 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रही है। वहीं दक्षिण भारत के प्रमुख व्यापारिक केंद्र चेन्नई में स्थानीय करों और उच्च मांग के चलते भाव देश में सबसे ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं, जहां 24 कैरेट सोना ₹1,45,460 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,33,240 प्रति 10 ग्राम के आंकड़े को पार कर चुका है। आर्थिक राजधानी मुंबई और उत्तर प्रदेश के प्रमुख बाजारों जैसे लखनऊ व कानपुर में भी 24 कैरेट सोना ₹1,44,300 प्रति 10 ग्राम के दायरे में देखा जा रहा है। 18 कैरेट सोने के आभूषणों की बात करें तो इसकी दरें भी ₹1,08,100 से ₹1,09,100 प्रति 10 ग्राम के बीच बनी हुई हैं।
करवाचौथ के अवसर पर सुहाग की निशानी के तौर पर सोने की चूड़ियां, मंगलसूत्र, नथ, चेन और अंगूठी खरीदने की परंपरा सदियों पुरानी है। सर्राफा कारोबारियों के अनुसार, भाव ऊंचे होने के बावजूद बाजारों में ग्राहकों की भीड़ कम नहीं हुई है, हालांकि खरीदारी के तरीके में साफ बदलाव देखने को मिल रहा है। भारी वजन के पारंपरिक गहनों के बजाय अब मध्यमवर्गीय परिवार और कामकाजी महिलाएं लाइटवेट यानी हल्के वजन के और 18 से 22 कैरेट के डिजाइनर आभूषणों को ज्यादा तरजीह दे रही हैं। इसके अलावा, कई उपभोक्ता कीमतों में और बढ़ोतरी के अंदेशे से डिजिटल गोल्ड और गोल्ड कॉइन की भी अग्रिम बुकिंग करा रहे हैं, ताकि धनतेरस के दिन केवल डिलीवरी ली जा सके।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की घरेलू कीमतों में आई इस हालिया तेजी की वजह सिर्फ त्योहारी स्थानीय मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे मजबूत अंतरराष्ट्रीय कारक भी काम कर रहे हैं। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर जारी अनिश्चितता और दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की लगातार आक्रामक खरीदारी ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने को सेफ-हेवन (सुरक्षित निवेश) बना रखा है। सर्राफा विश्लेषकों का अनुमान है कि जब तक शादियों और त्योहारों का सीजन जारी रहेगा, सोने की कीमतों में किसी बड़ी गिरावट की गुंजाइश बेहद कम है और भाव सीमित उतार-चढ़ाव के साथ मजबूती के साथ टिके रह सकते हैं। ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि वे खरीदारी करते समय भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का 6 डिजिट वाला हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (HUID) नंबर अवश्य जांचें, ताकि शुद्धता को लेकर कोई संशय न रहे।
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