
धनतेरस और दिवाली के पावन त्योहार पर सोना-चांदी खरीदना भारतीय परंपरा और संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा माना जाता है। हर साल त्योहारी सीजन में देश भर के सर्राफा बाजारों में चांदी के सिक्कों, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों, चांदी के बर्तनों, पाजेब (पायल) और डिजाइनर गहनों की भारी मांग देखने को मिलती है। हालांकि, लंबे समय से चांदी की शुद्धता को लेकर उपभोक्ताओं के मन में संशय और स्थानीय स्तर पर होने वाली मिलावट एक बड़ी समस्या रही है।
अब सरकार और भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) आगामी त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए चांदी के आभूषणों और कलाकृतियों पर 6 अंकों वाले अल्फान्यूमेरिक हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (HUID) कोड आधारित हॉलमार्किंग को देशव्यापी स्तर पर अनिवार्य बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। यदि यह व्यवस्था पूरी तरह अनिवार्य हो जाती है, तो इस दिवाली ग्राहकों को चांदी की एक-एक ग्राम शुद्धता का डिजिटल प्रमाण मिलेगा और नकली व कम कैरेट वाली चांदी बेचने वाले कारोबारियों पर पूरी तरह ताला लग जाएगा।
भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने पहले ही सोने के आभूषणों के लिए HUID हॉलमार्किंग को अनिवार्य कर दिया है, जिसके बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। चांदी के क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के लिए बीआईएस ने संशोधित मानक IS 2112:2025 के तहत चांदी की हॉलमार्किंग के लिए एक नया 3-मार्क डिजिटल ढांचा विकसित किया है। अब तक स्वैच्छिक (Voluntary) रहे इस नियम को अब त्योहारी सीजन से पहले अनिवार्य (Mandatory) श्रेणी में लाने पर विमर्श चल रहा है।
HUID कोड 6 अंकों का एक लेजर-एंग्रेव्ड अल्फान्यूमेरिक कोड होता है (जैसे- 3K9M8P या B4R7T2), जो प्रत्येक चांदी के आभूषण पर सूक्ष्म रूप से अंकित किया जाता है। यह कोड हर आइटम की एक विशिष्ट डिजिटल कुंडली की तरह काम करता है, जिसे बीआईएस के केंद्रीय डेटाबेस सर्वर से जोड़ा जाता है। इसका मतलब यह है कि किसी एक आभूषण का HUID कोड दूसरे आभूषण से कभी मेल नहीं खा सकता, जिससे जालसाजी की कोई गुंजाइश नहीं बचती।
पुराने समय में चांदी पर कई तरह के अस्पष्ट मार्के लगे होते थे, जिससे आम खरीदार भ्रमित हो जाते थे। नए बीआईएस नियमों के तहत जब आप किसी ज्वैलर की दुकान पर चांदी का सामान खरीदेंगे, तो आपको आभूषण पर केवल 3 स्पष्ट निशान देखने होंगे:
-
BIS का मानक त्रिकोणीय लोगो: यह प्रमाणित करता है कि उत्पाद सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त असेइंग एंड हॉलमार्किंग सेंटर (AHC) से टेस्टेड है।
-
प्योरिटी/फाइननेस ग्रेड: चांदी की वास्तविक शुद्धता को दर्शाने वाला तीन अंकों का नंबर (जैसे 999, 925, 800 आदि)।
-
6-डिजिट का लेजर HUID कोड: जिसे स्मार्टफोन से स्कैन या एंटर करके लाइव डिटेल जांची जा सकती है।
बीआईएस द्वारा मान्यता प्राप्त मानक के तहत चांदी के 7 अलग-अलग शुद्धता ग्रेड तय किए गए हैं, ताकि अलग-अलग उपयोगिता के हिसाब से सही धातु का चयन किया जा सके:
-
999 (फाइन सिल्वर – 99.9% शुद्ध): दिवाली पूजा के चांदी के सिक्के, इनवेस्टमेंट बार और पूजा के पत्तर बनाने के लिए सबसे उपयुक्त।
-
990 एवं 970 (हाई-प्योरिटी सिल्वर): अत्यंत बारीक और पारंपरिक प्रीमियम कलाकृतियों के लिए उपयोगी।
-
958 (ब्रिटानिया सिल्वर – 95.8% शुद्ध): लक्जरी बर्तनों और विशेष डिजाइनर ज्वैलरी के लिए अधिकृत।
-
925 (स्टर्लिंग सिल्वर – 92.5% शुद्ध): फैशन ज्वैलरी, अंगूठियां, चेन, ब्रेसलेट और मूर्तियों के लिए सबसे लोकप्रिय व टिकाऊ मानक।
-
835 एवं 800 (पारंपरिक ग्रेड – 80% से 83.5% शुद्ध): देश के ग्रामीण व पारंपरिक बाजारों में भारी पायल, बिछिया और भारी बर्तनों के निर्माण में सबसे ज्यादा प्रयुक्त।
इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत यह है कि आम उपभोक्ता किसी भी तीसरे व्यक्ति पर निर्भर हुए बिना खुद जांच कर सकता है:
-
अपने मोबाइल में सरकारी ‘BIS Care App’ डाउनलोड करें।
-
ऐप के होमपेज पर मौजूद ‘Verify HUID’ विकल्प को चुनें।
-
आभूषण पर लिखा 6 अंकों का HUID कोड दर्ज करें।
-
सर्च करते ही स्क्रीन पर ज्वैलर का नाम, हॉलमार्किंग की तारीख, टेस्टिंग लैब का पता और शुद्धता ग्रेड प्रदर्शित हो जाएगा। यदि डेटा मैच नहीं करता या कोड अमान्य बताता है, तो तुरंत समझ जाएं कि हॉलमार्क फर्जी है।
दिवाली पर चांदी खरीदने वाले परिवारों के लिए अनिवार्य HUID नियम कई क्रांतिकारी बदलाव लेकर आएगा:
-
पुरानी चांदी बेचने पर कोई कटौती नहीं: पहले जब लोग वर्षों पुरानी चांदी बेचने जाते थे, तो सुनार ‘टांका’ या ‘मिलावट’ का हवाला देकर 20 से 30 प्रतिशत कीमत काट लेते थे। HUID सर्टिफाइड चांदी होने पर शुद्धता का सटीक रिकॉर्ड होने से पूरा बाजार भाव मिलेगा।
-
पूजा के सिक्कों में मिलावट का खात्मा: धनतेरस पर गिफ्टिंग या पूजा के लिए बिकने वाले अनब्रांडेड सिक्कों में तांबे या जस्ते की अधिक मिलावट की शिकायतें आती थीं, जिस पर अब पूरी तरह अंकुश लगेगा।
-
सिल्वर लोन में आसानी: बैंकों और एनबीएफसी (NBFCs) से चांदी के बदले लोन लेते समय HUID सर्टिफिकेशन के आधार पर तुरंत और अधिकतम वैल्यूएशन मिल सकेगा।
-
पक्का जीएसटी बिल और लीगल प्रोटेक्शन: HUID युक्त चांदी का बिल लेने पर उपभोक्ता संरक्षण कानूनों के तहत आपकी खरीदारी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।
इस नए नियम से आम घरों में रखी पुरानी चांदी पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।
-
आपके लॉकर या घर में रखी पुरानी चांदी के सिक्के, बर्तन या गहने पूरी तरह वैध रहेंगे।
-
नियम केवल ज्वैलर्स द्वारा नए आभूषण और कलाकृतियां बेचने पर लागू होगा।
-
यदि आप अपनी पुरानी चांदी को बेचना या री-डिजाइन कराना चाहते हैं, तो ज्वैलर उसे पिघलाकर उसकी शुद्धता के आधार पर खरीदेगा या नया आभूषण बनाकर उस पर नया HUID कोड लगवाकर आपको देगा।
त्योहारी सीजन में चांदी की खरीदारी करते समय हमेशा बीआईएस अधिकृत दुकानदारों से ही संपर्क करें, 6 अंकों का HUID कोड जरूर देखें और पक्का टैक्स इनवॉइस प्राप्त करें ताकि आपकी दिवाली की खुशियां और धन की मिठास पूरी तरह शुद्ध और सुरक्षित रहे।
girls globe