अयोध्या राम मंदिर घोटाला: SIT करेगी 5 साल का महा-ऑडिट, ट्रस्ट के बड़े अधिकारियों पर गिरेगी गाज?

अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और वित्तीय हेरफेर के मामले में एक बेहद सनसनीखेज मोड़ आ गया है. शुरुआती जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियों के पुख्ता सबूत मिलने के बाद, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) अब राम मंदिर ट्रस्ट के पिछले पांच सालों के फंड और हर एक वित्तीय लेनदेन (Financial Transaction) का गहन ऑडिट करने जा रही है. इस जांच की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने SIT की समयसीमा को दो हफ्ते के लिए और बढ़ा दिया है, जिसके बाद अब टीम 15 जुलाई को अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंपेगी. इस कदम से ट्रस्ट के कई रसूखदार अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है.

बंद कमरों से निकला क्रिमिनल एंगल, रडार पर आए चंपत राय और अनिल मिश्रा

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, SIT ने अपनी शुरुआती पड़ताल में मामले के क्रिमिनल पहलू को डिकोड कर लिया है, जिसके आधार पर FIR भी दर्ज की जा चुकी है. जांच टीम सिर्फ पैसों की हेराफेरी ही नहीं, बल्कि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और चढ़ावे की गिनती के प्रोसेस में हुई गंभीर लापरवाहियों को भी खंगाल रही है. अब तक मिले सुरागों के बाद अनिल मिश्रा, गोपाल राव और चंपत राय जैसे बड़े नाम जांच के घेरे में आ चुके हैं. मामले की कमान खुद लखनऊ डिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत, IG रेंज किरण एस और स्पेशल फाइनेंस सेक्रेटरी नील रतन ने संभाल रखी है, जो जल्द ही अयोध्या में डेरा डालकर इस महा-ऑडिट की शुरुआत करेंगे.

बिना ऑडिट के रखी थी करोड़ों की ज्वेलरी, कंस्ट्रक्शन में भी कमीशनखोरी का शक

ट्रस्ट के सामने सबसे बड़ी मुसीबत दान में मिले सोने-चांदी और गहनों का हिसाब देना बन गया है, क्योंकि आरोप है कि लंबे समय से इसका कोई पुख्ता ऑडिट ही नहीं कराया गया. इसके अलावा, मंदिर के कंस्ट्रक्शन वर्क में भी भारी कमीशनखोरी के इनपुट्स मिले हैं, जिसने जांच अधिकारियों के कान खड़े कर दिए हैं. जांच का दायरा बढ़ने के बाद जब ट्रस्ट के अधिकारी अनिल मिश्रा से पूछताछ की गई, तो उन्होंने सारा ठीकरा टीनू यादव नाम के शख्स पर फोड़ दिया. हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि उनके रहते हुए करोड़ों रुपये कैसे साफ हो गए, तो वह लापरवाही की बात कबूलते हुए कई तीखे सवालों के जवाब नहीं दे पाए.

पुश्तैनी घरों पर आधी रात का छापा: कैश, गहने और प्रॉपर्टी के दस्तावेज जब्त

मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे के कुबूलनामे के बाद पुलिस ने उनके पुश्तैनी घरों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की. अयोध्या के रुदौली और खंडासा इलाकों में हुई इस तीन घंटे की रेड में पुलिस के हाथ बड़ा खजाना लगा है. सूत्रों का दावा है कि आरोपियों के घरों से भारी मात्रा में कैश, कीमती ज्वेलरी और बेनामी संपत्ति के कागजात बरामद हुए हैं. पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के लिए इन सभी दस्तावेजों को जब्त कर लिया है और पूछताछ के लिए आरोपियों के माता-पिता को भी अपने साथ ले गई है. आने वाले दिनों में गोपाल राव समेत कई अन्य चेहरों से होने वाली पूछताछ में कुछ और चौंकाने वाले खुलासे होने की पूरी उम्मीद है.