अनिल अग्रवाल की वेदांता में एक और बड़े डीमर्जर का ऐलान, निवेशकों को मुफ्त में मिलेगा नई कंपनी का शेयर

दिग्गज उद्योगपति अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाली प्रमुख खनन और मेटल कंपनी वेदांता लिमिटेड (Vedanta Limited) ने अपने शेयरधारकों के लिए एक बहुत बड़ा तोहफा दिया है। कंपनी ने अपने रियल एस्टेट कारोबार को मुख्य बिजनेस से अलग (डीमर्जर) करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस रणनीतिक फैसले का मुख्य उद्देश्य कंपनी के पास मौजूद अचल संपत्तियों की असली वैल्यू को अनलॉक करना है। डीमर्जर की इस प्रक्रिया के तहत वेदांता के निवेशकों को बिना किसी अतिरिक्त लागत के मुफ्त में नई कंपनी का शेयर मिलने जा रहा है, जिससे निवेशकों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।

क्या है डीमर्जर का पूरा फॉर्मूला? निवेशकों को कैसे मिलेगा फायदा

कंपनी द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह डीमर्जर वेदांता लिमिटेड और ‘वेदांता प्रॉपर्टी प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड’ (VPPL) के बीच एक स्कीम ऑफ अरेंजमेंट के तहत पूरा किया जाएगा। इस डीमर्जर योजना के तहत तय किए गए अनुपात के मुताबिक, यदि किसी निवेशक के पास वेदांता लिमिटेड के 20 शेयर हैं, तो उसे बदले में ‘वेदांता प्रॉपर्टी प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड’ (VPPL) का 1 शेयर पूरी तरह से मुफ्त में मिलेगा। कंपनी इस वर्टिकल स्प्लिट के जरिए अपने रियल एस्टेट एसेट्स को एक अलग और स्वतंत्र इकाई में ट्रांसफर कर रही है, जबकि वेदांता का बाकी मुख्य कारोबार अपनी मौजूदा संरचना के तहत पहले की तरह ही सुचारू रूप से चलता रहेगा। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कंपनी नियत समय पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) से अनापत्ति पत्र (NOC) के लिए औपचारिक आवेदन करेगी।

कितना बड़ा है वेदांता का यह रियल एस्टेट पोर्टफोलियो

वेदांता का यह नया अलग होने वाला रियल एस्टेट पोर्टफोलियो बेहद विशाल और कीमती है। कंपनी के पास देश के विभिन्न हिस्सों में कुल मिलाकर लगभग 2,264 एकड़ औद्योगिक जमीन और लगभग 53,185 वर्ग फुट का रेजिडेंशियल तथा कमर्शियल स्पेस मौजूद है। पूरे भारत में फैले इस पोर्टफोलियो में कुल 22 प्रमुख एसेट्स शामिल हैं, जो मुख्य रूप से महाराष्ट्र, गोवा, तमिलनाडु, गुजरात और कर्नाटक जैसे राज्यों में स्थित हैं। इस विशाल पोर्टफोलियो में खाली जमीन के बड़े टुकड़ों के अलावा आधुनिक फ्लैट्स, बनी-बनाई इमारतें और शानदार बंगले भी शामिल हैं। कंपनी का मानना है कि इन संपत्तियों का अब तक सीमित इस्तेमाल हो रहा था और मुख्य बिजनेस का हिस्सा होने के कारण इनकी सही वैल्यू बाजार में सामने नहीं आ पा रही थी, लेकिन अब अलग होने के बाद शेयरधारकों को इसका सीधा और बड़ा वित्तीय लाभ मिलेगा।

कैसे रहे वेदांता के हालिया वित्तीय नतीजे

रियल एस्टेट कारोबार के डीमर्जर के ऐलान के साथ-साथ वेदांता लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के अपने बेहद शानदार वित्तीय नतीजे भी जारी कर दिए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा (Net Profit) सालाना आधार पर 71.8 प्रतिशत की जबरदस्त छलांग लगाते हुए ₹5,473 करोड़ पर पहुंच गया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह ₹3,185 करोड़ था। इसके अलावा, कंपनी की परिचालन आय (Operational Revenue) भी 53.6 प्रतिशत बढ़कर ₹24,205 करोड़ दर्ज की गई, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹15,754 करोड़ थी। हालांकि, विस्तार और बिजनेस गतिविधियों के चलते तिमाही के दौरान कंपनी का कुल खर्च बढ़कर ₹17,558 करोड़ हो गया, लेकिन मजबूत मुनाफे के आंकड़ों ने बाजार में कंपनी की स्थिति को और अधिक मजबूत बना दिया है।