अग्निवीरों के पहले बैच की विदाई प्रक्रिया शुरू: ₹11.71 लाख का टैक्स-फ्री सेवा निधि पैकेज, पुलिस-CAPF में आरक्षण समेत मिलेंगी ये बड़ी सुविधाएं

केंद्र सरकार द्वारा जून 2022 में शुरू की गई महत्वाकांक्षी ‘अग्निपथ योजना’ (Agnipath Scheme) अब अपने सबसे अहम पड़ाव पर पहुंच चुकी है। थल सेना, नौसेना और वायुसेना में भर्ती हुए पहले बैच के अग्निवीरों का 4 वर्ष का निर्धारित कार्यकाल पूरा होने जा रहा है। नौसेना और वायुसेना के पहले बैच की विदाई (Exit Window) अक्टूबर-नवंबर 2026 में और भारतीय सेना (Army) के बड़े बैचों की विदाई दिसंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच निर्धारित है। नियमों के तहत कुल बैच में से अधिकतम 25 प्रतिशत उत्कृष्ट अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में नियमित (परमानेंट) कैडर के रूप में आगे की 15 साल की पूर्ण सेवा के लिए चुना जाएगा। वहीं, शेष 75 प्रतिशत अग्निवीर एकमुश्त वित्तीय पैकेज, विशिष्ट प्रमाण पत्रों और भविष्य के रोजगार सुरक्षा विकल्पों के साथ नागरिक जीवन में वापस लौटेंगे।

चार साल का सफल कार्यकाल पूरा करने के बाद बाहर निकलने वाले अग्निवीरों को वित्तीय संबल के रूप में ‘सेवा निधि’ (Seva Nidhi) पैकेज प्रदान किया जाएगा। 4 साल के दौरान अग्निवीर के मासिक वेतन से 30% राशि की कटौती की जाती रही है और उतनी ही समान राशि (30%) केंद्र सरकार द्वारा उनके कॉर्पस फंड में हर महीने जमा की गई है। इस तरह 4 साल में मूल अंशदान लगभग 10.04 लाख रुपये बनता है, जिस पर अर्जित ब्याज को जोड़कर यह पैकेज कुल लगभग 11.71 लाख रुपये का हो जाता है। इस सेवा निधि पैकेज की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह पूरी तरह से इनकम टैक्स से मुक्त (Tax-Exempted) है। इसके अलावा, अग्निवीरों को अपना व्यवसाय या स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्राथमिकता क्षेत्र ऋण (Priority Sector Lending) और रियायती दरों पर बैंक लोन की सुविधा भी सुनिश्चित की गई है।

सशस्त्र बलों से बाहर आने वाले 75% अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों ने कई बड़े नीतिगत फैसले लिए हैं। गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF – BSF, CRPF, CISF, ITBP, SSB) और असम राइफल्स में कॉन्स्टेबल (जनरल ड्यूटी) के पदों पर पूर्व-अग्निवीरों के लिए आरक्षण का विशेष प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही उन्हें शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) में छूट और ऊपरी आयु सीमा में 3 से 5 वर्ष तक की विशेष छूट का लाभ दिया जाएगा। राज्य स्तर पर भी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और राजस्थान जैसी सरकारों ने अपने पुलिस बलों, वन रक्षकों और जेल वार्डर की सीधी भर्ती में पूर्व-अग्निवीरों के लिए 10% से 20% तक का क्षैतिज आरक्षण (Horizontal Reservation) और सीधी वरीयता देने की नियमावली अधिसूचित की है।

4 साल के सैन्य प्रशिक्षण और अनुशासन के बाद समाज में लौटने वाले युवाओं के लिए शिक्षा और कॉर्पोरेट सेक्टर के दरवाजे भी पूरी तरह खुले रखे गए हैं। रक्षा मंत्रालय और कौशल विकास मंत्रालय के समन्वय से प्रत्येक अग्निवीर को एक मानकीकृत ‘अग्निवीर स्किल सर्टिफिकेट’ (Agniveer Skill Certificate) दिया जाएगा, जिसमें उनकी तकनीकी दक्षता, नेतृत्व क्षमता, लॉजिस्टिक्स और ऑपरेशनल स्किल्स का पूरा ब्योरा दर्ज होगा। 10वीं पास के आधार पर भर्ती हुए युवाओं को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) के माध्यम से विशेष 12वीं कक्षा का समकक्ष प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। वहीं, उच्च शिक्षा के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) के माध्यम से 3-वर्षीय इन-सर्विस कस्टमाइज्ड स्किल-बेस्ड डिग्री प्रोग्राम की व्यवस्था की गई है। देश के प्रमुख कॉर्पोरेट घरानों और निजी सुरक्षा एजेंसियों ने भी पूर्व-अग्निवीरों को लॉजिस्टिक्स, सिक्योरिटी, एडमिनिस्ट्रेशन और एविएशन सेक्टर में सीधी नौकरी देने के लिए विशेष हायरिंग नीतियां तैयार की हैं।

नागरिक जीवन में लौटने वाले अग्निवीरों को नियमित सैनिकों की तरह मासिक आजीवन पेंशन या ग्रेच्युटी की पात्रता नहीं होती। हालांकि, 4 साल की सेवा अवधि के दौरान उन्हें 48 लाख रुपये का गैर-अंशदायी जीवन बीमा (Non-contributory Life Insurance) कवर उपलब्ध कराया गया था। कार्यकाल पूरा होने पर 22 से 25 वर्ष की युवा आयु में लगभग 11.71 लाख रुपये की पूंजी, सरकारी नौकरियों में आयु व आरक्षण की छूट और विशिष्ट सैन्य प्रशिक्षण का यह संयोजन पूर्व-अग्निवीरों को अन्य युवाओं की तुलना में करियर की दूसरी पारी शुरू करने के लिए एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी मंच प्रदान करता है।