अक्षय कुमार के लिए लिखी गई थी यह ब्लॉकबस्टर, जानें क्या रही वजह जो ‘खिलाड़ी’ ने फिल्म छोड़ी

दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार थलापति विजय का जलवा ऐसा है कि उनकी फिल्में रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा देती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि विजय की एक ऐसी ही सुपरहिट फिल्म है, जिसने सिनेमाघरों में पूरे 300 दिनों तक राज किया था, मगर उसके लिए पहली पसंद बॉलीवुड के ‘खिलाड़ी’ अक्षय कुमार थे? आइए जानते हैं उस ऐतिहासिक फिल्म की अनसुनी कहानी।

अक्षय कुमार के लिए लिखी गई थी फिल्म की स्क्रिप्ट

बात है साल 2012 की, जब निर्देशक ए.आर. मुरुगोदास एक धमाकेदार एक्शन-थ्रिलर की स्क्रिप्ट पर काम कर रहे थे। मुरुगोदास की पहली पसंद अक्षय कुमार थे। अक्षय को फिल्म की कहानी सुनाई गई और उन्हें यह प्रोजेक्ट काफी पसंद भी आया। खिलाड़ी कुमार इसे करने के लिए राजी भी थे, लेकिन उस दौरान वे अपने अन्य बॉलीवुड प्रोजेक्ट्स में इतने व्यस्त थे कि शेड्यूल में टकराव होने लगा। प्रोजेक्ट शुरू होने में हो रही देरी को देखते हुए डायरेक्टर मुरुगोदास ने इंतजार न करते हुए इसे थलापति विजय के साथ तमिल में बनाने का फैसला किया।

‘थुपक्की’ ने बॉक्स ऑफिस पर रचा था इतिहास

जिस फिल्म की हम बात कर रहे हैं, वह है ‘थुपक्की’ (Thuppakki)। 70 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 121 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन किया था। विजय के करियर की यह फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई और अपनी जबरदस्त कहानी व एक्शन के कारण यह फिल्म दर्शकों के दिलों में ऐसी बसी कि 300 दिनों तक थिएटर्स में डटी रही। फिल्म में विजय के साथ काजल अग्रवाल और विलेन के रोल में विद्युत जामवाल ने बेहतरीन काम किया था।

बाद में अक्षय कुमार ने भी किया यह कमाल

तमिल वर्जन में भले ही अक्षय कुमार न जुड़ पाए हों, लेकिन निर्देशक मुरुगोदास का अक्षय कुमार के साथ काम करने का सपना अधूरा नहीं रहा। साल 2014 में उन्होंने अक्षय कुमार के साथ इसी फिल्म का हिंदी रीमेक ‘हॉलीडे: ए सोल्जर इज नेवर ऑफ ड्यूटी’ (Holiday: A Soldier Is Never Off Duty) बनाया। यह फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई। 80 करोड़ के बजट में बनी ‘हॉलीडे’ ने करीब 180 करोड़ रुपये की कमाई कर साबित कर दिया कि यह स्क्रिप्ट हर भाषा और हर सुपरस्टार के साथ सुपरहिट है।

क्या है ‘थुपक्की’ की कहानी?

‘थुपक्की’ (जिसका अर्थ ‘बंदूक’ होता है) एक इंटेलिजेंस ऑफिसर की कहानी है, जो मुंबई में स्लीपर सेल के एक खतरनाक आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करता है। फिल्म में एक आर्मी ऑफिसर की सूझबूझ और देश के प्रति उनके जज्बे को दिखाया गया है, जो आज भी दर्शकों को रोमांच से भर देती है। विजय की दमदार एक्टिंग और मुरुगोदास के निर्देशन ने इसे साउथ की कल्ट क्लासिक फिल्मों की सूची में शामिल कर दिया है।