
यदि आप भी अपने घर में एलपीजी (LPG) सिलेंडर को छोड़कर पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन लगवाने की सोच रहे हैं, या लगवा चुके हैं, तो आपके लिए केंद्र सरकार की तरफ से एक बहुत बड़ी राहत की खबर है। सरकार ने एक नया संशोधन आदेश जारी किया है, जिसके तहत पीएनजी अपनाने के बाद भी आपका पुराना एलपीजी कनेक्शन पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और भविष्य में जरूरत पड़ने पर आपको आसानी से वापस मिल सकेगा।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (Ministry of Petroleum and Natural Gas) ने इसके लिए ‘ट्रांसफर वाउचर’ (Transfer Voucher) का एक खास विकल्प दिया है। आइए जानते हैं सरकार के इस नए नियम के बारे में और इससे उपभोक्ताओं को क्या फायदे होंगे:
क्या है नया अमेंडमेंट ऑर्डर 2026?
केंद्र सरकार ने 25 मई 2026 को ‘लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (रेगुलेशन ऑफ सप्लाई एंड डिस्ट्रीब्यूशन) अमेंडमेंट ऑर्डर 2026’ को अधिसूचित (Notify) किया है। इस नए संशोधन का मुख्य उद्देश्य घरेलू पीएनजी कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को अधिक लचीलापन (Flexibility) और मानसिक शांति प्रदान करना है, ताकि लोग बिना किसी डर के सुरक्षित और आधुनिक पीएनजी गैस की तरफ शिफ्ट हो सकें।
संशोधित नियमों के तहत उपभोक्ताओं को मिलेंगे ये 2 बड़े विकल्प
नए प्रावधानों के अनुसार, जिन घरेलू उपभोक्ताओं के पास एलपीजी कनेक्शन है और वे नया पीएनजी कनेक्शन भी ले रहे हैं, उनके पास अब निम्नलिखित विकल्प मौजूद होंगे:
1.30 दिनों के भीतर सरेंडर का नियम:विकल्प 1.
उपभोक्ता अपने घर में पीएनजी (PNG) सप्लाई चालू होने या कनेक्शन प्राप्त करने के 30 दिनों के भीतर अपना पुराना एलपीजी कनेक्शन हटाने या सरेंडर करने के लिए स्वेच्छा से आवेदन कर सकते हैं।
2.भविष्य के लिए ‘ट्रांसफर वाउचर’:विकल्प 2.
यदि उपभोक्ता चाहे तो वह अपनी गैस कंपनी से एक ‘ट्रांसफर वाउचर’ हासिल कर सकता है। यह वाउचर इस बात की गारंटी होगा कि भविष्य में यदि उपभोक्ता किसी ऐसे इलाके या शहर में शिफ्ट होता है, जहां पीएनजी पाइपलाइन का इंफ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढांचा) उपलब्ध नहीं है, तो इस वाउचर की मदद से उसका पुराना एलपीजी कनेक्शन तुरंत और बिना किसी परेशानी के बहाल (फिर से चालू) कर दिया जाएगा।
किन लोगों को मिलेगा इस ट्रांसफर वाउचर का सबसे ज्यादा फायदा?
सरकार का यह कदम उन लोगों के लिए गेम-चेंजर साबित होगा जो अक्सर एक जगह से दूसरी जगह स्थानांतरित होते रहते हैं। इसका विशेष लाभ इन वर्गों को मिलेगा:
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ट्रांसफर होने वाले कर्मचारी: सरकारी या निजी क्षेत्र के ऐसे कर्मचारी जिनका हर कुछ सालों में ट्रांसफर होता रहता है।
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किराएदार और छात्र: पढ़ाई या नौकरी के सिलसिले में किराए के मकान बदलने वाले लोग।
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प्रवासी परिवार: एक राज्य से दूसरे राज्य में जाकर बसने वाले परिवार।
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नॉन-पीएनजी एरिया में शिफ्ट होने वाले लोग: वे लोग जो वर्तमान में पीएनजी वाले विकसित इलाके में रह रहे हैं, लेकिन भविष्य में किसी नए या ग्रामीण इलाके में अपना घर बना रहे हैं जहां अभी पाइपलाइन नहीं पहुंची है।
डेटा के आंकड़े: देश में तेजी से बढ़ रहा है पीएनजी का दायरा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश में पाइप्ड कुकिंग गैस का चलन बेहद तेजी से बढ़ रहा है:
| पीएनजी कनेक्शन और एलपीजी का स्टेटस | ताजा सरकारी आंकड़े (मई 2026 तक) |
| सरेंडर किए गए एलपीजी कनेक्शन | 59,800 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने अपने पुराने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं। |
| हाल ही में गैसीफाइड कनेक्शंस | इस साल मार्च से लेकर अब तक करीब 7.99 लाख नए पीएनजी कनेक्शंस को सफलतापूर्वक गैसीफाइड (सप्लाई शुरू) किया जा यूका है। |
| नया इंफ्रास्ट्रक्चर | करीब 2.87 लाख अतिरिक्त घरों तक पाइपलाइन पहुंचाने का बुनियादी ढांचा तैयार कर लिया गया है। |
| कुल पीएनजी कनेक्शंस | देश में कुल सक्रिय पीएनजी कनेक्शंस की संख्या अब 10.86 लाख के आंकड़े को पार कर गई है। |
पैनिक बाइंग हुई खत्म, आपूर्ति हुई बेहतर: केंद्र सरकार ने सोमवार (25 मई) को यह भी साफ किया है कि देश में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी अब और तेज कर दी गई है। मौजूदा मांग को पूरा करने के साथ ही पुराने बैकलॉग को भी क्लियर कर दिया गया है। बाजारों से ‘पैनिक बाइंग’ (डर के मारे ज्यादा सिलेंडर बुक करना) पूरी तरह खत्म हो चुकी है और रसोई गैस की उपलब्धता पहले से कहीं अधिक बेहतर और सुचारू है।
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