पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था: पाकिस्तान की आर्थिक मुश्किलें बढ़ गई हैं क्योंकि देश का व्यापार घाटा सितंबर 2025 में 46% बढ़कर 3.34 अरब डॉलर हो गया। पिछले साल सितंबर में यह घाटा 2.29 अरब डॉलर था। पाकिस्तान सांख्यिकी ब्यूरो (पीबीएस) के आंकड़ों के अनुसार, आयात 14% बढ़कर 5.85 अरब डॉलर हो गया, जबकि निर्यात 11.7% घटकर 2.5 अरब डॉलर रह गया। इससे देश के नाज़ुक आर्थिक संतुलन पर दबाव बढ़ गया है।
जुलाई-सितंबर 2025 तिमाही में पाकिस्तान का व्यापार घाटा साल-दर-साल 32.9% बढ़कर 9.37 अरब डॉलर हो गया। इस दौरान आयात 13.5% बढ़कर 16.97 अरब डॉलर हो गया, जबकि निर्यात 3.8% घटकर 7.6 अरब डॉलर रह गया। सितंबर में व्यापार घाटा पिछले महीने, यानी अगस्त 2025 की तुलना में 16.3% बढ़ा।
अर्थशास्त्रियों ने चेतावनी दी है कि बढ़ता व्यापार घाटा पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार पर भारी दबाव डाल सकता है, जिससे पाकिस्तानी रुपये की स्थिरता प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, इससे देश के लिए अपने विदेशी ऋणों का भुगतान करना भी मुश्किल हो सकता है। गौरतलब है कि 25 करोड़ की आबादी वाला पाकिस्तान वर्तमान में विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक, आईएमएफ, चीन, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब जैसे देशों से वित्तीय सहायता पर निर्भर है।
यह बढ़ती आर्थिक अस्थिरता पाकिस्तान के नीति निर्माताओं के लिए एक गंभीर चुनौती है, जिन्हें अब आयात कम करने और निर्यात बढ़ाने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।
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