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लोकसभा चुनाव के रण में अब भाजपा का होगा त्रिकोणीय मुकाबला

हमीरपुर, 30 अप्रैल (हि.स.)। हमीरपुर-महोबा-तिंदवारी सीट के लिए गर्मी का पारा चढ़ते ही चुनाव प्रचार भी अब जोर पकड़ रहा है। चुनाव मैदान में पहली बार ब्राह्मण प्रत्याशी के हाथी का महावत बनने से यहां मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार बन गए हैं। जबकि इंडी गठबंधन के प्रत्याशी भाजपा और बसपा के चुनावी अंकगणित बिगाड़ने में जुट गए हैं। फिलहाल चुनावी विसात में तीनों ही दलीय प्रत्याशी एक दूसरे को शह और मात दे रहे हैं। अबकी बार चुनावी रण में फाइट त्रिकोणीय होगी।

हमीरपुर-महोबा-तिंदवारी संसदीय सीट में पांच विधानसभाएं शामिल हैं। इनमें हमीरपुर और तिंदवारी विधानसभा क्षेत्र में क्षत्रिय और ब्राह्मण मतदाता निर्णायक माने जाते हैं। वहीं राठ और चरखारी विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक लोधी मतदाताओं की किसी भी प्रत्याशी के चुनावी गणित को बिगाड़ने में बड़ी भूमिका रहती है। इन दोनों विधानसभा क्षेत्र में लोधी मतदाता जातीय रंग में बहे तो भाजपा को बड़ा झटका लग सकता है। महोबा में भी भाजपा के अलावा बसपा और इंडी गठबंधन प्रत्याशी चुनाव प्रचार में एक दूसरे से आगे निकलने की जद्दोजहद कर रहे हैं।

इस संसदीय क्षेत्र में अनुसूचित जाति की आबादी 22.63 फीसदी है जो हारजीत में निर्णायक भूमिका अदा करेगी। अबकी बार भाजपा से पुष्पेन्द्र सिंह चंदेल तीसरी बार चुनाव मैदान में है जो 12.83 फीसदी क्षत्रिय, 10.33 फीसदी ब्राह्मण, 2.66 फीसदी वैश्य व अन्य बिरादरी के मतदाताओं के समीकरण से वर्ष 2014 व 2019 में सांसद बने थे।

पहली बार एक ही क्षेत्र से चुनाव मैदान में आए भाजपा, बसपा और इंडी गठबंधन के प्रत्याशी

लोकसभा-47 की सीट पर भाजपा और इंडी गठबंधन ने इस बार प्रतिष्ठा लगाई है। वही बसपा ने भाजपा को झटका देने के लिए पहली बार ब्राह्मण चेहरे को चुनाव मैदान में उतारा है। बसपा प्रत्याशी निर्दाेष दीक्षित जातीय समीकरणों को लेकर चुनावी रण में हुंकार भरी है जबकि कांग्रेस के गठबंधन से सपा ने लोधी बिरादरी से अजेन्द्र सिंह राजपूत को उम्मीदवार बनाया है। खास बात तो यह है कि भाजपा प्रत्याशी पुष्पेन्द्र सिंह चंदेल व बसपा और इंडी गठबंधन के प्रत्याशी संसदीय क्षेत्र के महोबा जिले के ही रहने वाले है जो तीनों प्रत्याशी एक दूसरे के गढ़ में सेंधमारी भी कर रहे हैं।

संसदीय क्षेत्र में भाजपा के चुनावी समीकरण बिगाड़ने के लिए पहली बार ब्राह्मण बिरादरी से निर्दाेष दीक्षित को प्रत्याशी बनाया है जो बसपा के बेस वोट के अलावा जातीय वोट साधने के लिए पसीना बहा रहे हैं। इसके अलावा लोधी बिरादरी के अजेन्द्र सिंह राजपूत कांग्रेस और सपा के गठबंधन प्रत्याशी हैं जो लोधी मतदाताओं को एकजुट करने में जी जान से लगे हैं। संसदीय क्षेत्र में करीब तेरह फीसदी लोधी मतदाता हैं, वहीं 6.66 फीसदी यादव व 9 फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं। जिससे इंडी गठबंधन की साइकिल की रफ्तार से भाजपा में बेचैनी है। यहां इस बार त्रिकोणीय मुकाबला होगा।