Sunday , December 7 2025

राजनीतिक रंग में रंगा रेणु का परिवार ,बेटा-बहू ने भरी चुनावी हुंकार, क्या मिलेगी साहित्य को सियासत?

महानआंचलिकउपन्यासकारफणीश्वरनाथरेणु,जिनकीकलमनेग्रामीणबिहारऔरउसकेजीवनकोअमरबनादिया,उनकासाहित्यिकयोगदानअतुलनीयहै.लेकिनसाहित्यकेअलावाउनकेपरिवारकाराजनीतिसेभीगहरानातारहाहै,जोअक्सरचुनावीमौसममेंसुर्खियोंमेंआजाताहै.बिहारकीचुनावीसरगर्मीकेबीच,एकबारफिरफणीश्वरनाथरेणुकापरिवारराजनीतिकरूपसेसक्रियदिखरहाहै,जहाँउनकेबेटेऔरबहूकीमहत्वाकांक्षाएंपरवानचढ़रहीहैं.परिवारकाराजनीतिकझुकाव:फणीश्वरनाथरेणुस्वयंराजनीतिमेंसक्रियथेऔरउन्होंनेअपनीलेखनीसेसामाजिकमुद्दोंकोउठायाथा.उनकेनिधनकेबादउनकेपरिवारकेसदस्योंनेइसविरासतकोआगेबढ़ायाहै,लेकिनअबसीधेराजनीतिमेंउतरनेकीबातेंसामनेआरहीहैं.पुत्रऔरपुत्रवधूकीसक्रियता:जानकारीकेमुताबिक,फणीश्वरनाथरेणुकेपुत्रऔरउनकीपुत्रवधू (बहू)इसबारकेआगामीचुनावोंमेंअपनीकिस्मतआजमानेकेइच्छुकदिखरहेहैं.वेअपने-अपनेराजनीतिकरास्तेतलाशरहेहैंऔरचुनावीमैदानमेंउतरनेकीतैयारीकररहेहैं.चुनावोंमेंमहत्व:साहित्यकारकेपरिवारसेहोनेकेनाते,उनकाएकस्वाभाविकजुड़ावलोगोंकेसाथहै.फणीश्वरनाथरेणुकानामबिहारकेसांस्कृतिकऔरसामाजिकइतिहासमेंगहराअंकितहै,औरऐसेमेंउनकेपरिवारकेसदस्यअगरराजनीतिमेंउतरतेहैं,तोउन्हेंएकअतिरिक्त ‘बढ़त’मिलसकतीहै.यहएकऐसाफैक्टरहैजिसेराजनीतिकदलअक्सरचुनावोंमेंभुनानेकीकोशिशकरतेहैं.स्थानीयप्रभाव:सीमांचलजैसेइलाकोंमेंफणीश्वरनाथरेणुकाबहुतप्रभावथा,औरउनकेपरिवारकावहांआजभीएकभावनात्मकजुड़ावहै.उनकेनामपरचुनावमेंवोटभीमिलतेहैं.क्याहैंउनकीमहत्वाकांक्षाएं?संकेतमिलरहेहैंकिपुत्रऔरपुत्रवधू,दोनोंविभिन्नराजनीतिकदलोंकेसाथसंपर्कसाधरहेहैं.वेयातोकिसीमौजूदापार्टीसेटिकटपानेकीउम्मीदकररहेहैं,यानिर्दलीयउम्मीदवारकेतौरपरमैदानमेंउतरनेपरविचारकररहेहैं.उनकीमहत्वाकांक्षाएंबिहारकीक्षेत्रीयराजनीतिमेंखुदकोस्थापितकरनेकीहैं.फिलहाल,रेणुकेपरिवारकेइनसदस्योंकीराजनीतिकसक्रियताबिहारकेचुनावीमौसममेंचर्चाकाविषयबनीहुईहै.यहदेखनादिलचस्पहोगाकिमहानसाहित्यकारफणीश्वरनाथरेणुकीविरासतकोउनकेपरिवारकेयेसदस्यराजनीतिकतौरपरकितनाआगेलेजापातेहैंऔरबिहारकीजनताउन्हेंकितनासमर्थनदेतीहै.साहित्यऔरसमाजसेवाकीविरासतकोआगेबढ़ानायाराजनीतिककुर्सीपाना –यहचुनौतीहीइसपरिवारकोसुर्खियोंमेंलेआईहै.