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भारतीयता को प्रदर्शित करती हैं राजा रवि वर्मा की कलाकृतियाँ : प्रो. मुन्ना तिवारी

झांसी,30 अप्रैल (हि.स.)। भारतीयता और भारत की संस्कृति को समझने के लिए हम राजा रवि वर्मा की कला कृतियों को देख सकते हैं। आदि से लेकर वर्तमान समय तक को उन्होंने अपनी कृतियों के माध्यम से बखूबी प्रस्तुत किया है। यह विचार आज कला प्रदर्शनी की अध्यक्षता कर रहे बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय झांसी के अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. मुन्ना तिवारी ने व्यक्त किया। प्रो. तिवारी ललित कला संस्थान द्वारा आयोजित दो दिवसीय कला प्रदर्शनी के समापन अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे।

प्रो. तिवारी ने कहा कि दुनिया आज भारत की ओर देख रही है और हमारा यह कर्तव्य है कि हम अपने वैभव से दुनिया को परिचित कराएं। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां निश्चय ही दुनिया को भारत और भारतीयता से परिचित कराने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्य अथिति मंडलीय परियोजना प्रबंधन इकाई जनपद झांसी के डॉ. आनंद चौबे ने कहा कि कृतियों में विद्यार्थियों का सुखद भविष्य दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई कृतियों को देख कर कहा जा सकता है कि यह अपने शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन में निश्चय ही वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने में सफल रहेंगे। उन्होंने कला प्रदर्शनी की संयोजक डॉ. श्वेता पाण्डेय को बधाई देते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से विद्यार्थियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

विशिष्ट अतिथि गवर्नमेंट एम. के. बी. कॉलेज, जबलपुर मध्य प्रदेश की सह आचार्य डॉ. अरुणा ने विद्यार्थियों को शुभकामना देते हुए कहा कि कला को हमेशा एक साधना के रूप में देखा गया है। राजा रवि वर्मा ने कला को साधना बना कर ही पूरी दुनिया में भारतीय ज्ञान को प्रसारित करने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि आज कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए जिस तरह से युवा आगे आ रहे हैं और अपने विचारों मनोभावों को प्रदर्शित कर रहे हैं वह एक सुखद भविष्य की ओर इशारा कर रहा है।

कला प्रदर्शनी की संयोजक डॉ श्वेता पाण्डेय ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान और परंपरा से परिचित करवाने के साथ ही महान कलाकारों द्वारा इस क्षेत्र में किए गए कार्यों से परिचित कराना रहा है। उन्होंने बताया कि इस दो दिवसीय कला प्रदर्शनी का आयोजन ललित कला संस्थान के बीएफए तृतीय एवं चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. पाण्डेय से सभी का आभार व्यक्त किया एवं विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर ललित कला संस्थान के शिक्षक डॉ. अजय कुमार गुप्त, डॉ. रानी शर्मा, डॉ. अंकिता शर्मा, दिलीप कुमार, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. बृजेश कुमार, गजेंद्र सिंह एवं विद्यार्थी अलादीन, सुमित झा, रौनक, कोमल, मोहित प्रगति साहू, ऋषि, सपना श्रीवास, अंकिता, प्रतीक्षा पस्तोर एवं अन्य उपस्थित रहे।