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जासूसी नहीं सुरक्षा क्या है व्हाट्सएप का नया पैरेंटल कंट्रोल और इसकी आपको ज़रूरत क्यों है?

News India Live, Digital Desk : आजकल शायद ही कोई ऐसा घर होगा जहाँ बच्चे और उनके हाथों में स्मार्टफोन न हों। होमवर्क से लेकर गेमिंग तक और दोस्तों से चैटिंग से लेकर स्कूल ग्रुप्स तक बच्चों की दुनिया अब इंटरनेट के आसपास ही सिमट गई है। लेकिन एक पेरेंट होने के नाते मन में हमेशा ये सवाल उठता है कि कहीं वे किसी अजनबी से तो बात नहीं कर रहे? क्या इंटरनेट की ये आज़ादी उनके लिए भारी तो नहीं पड़ रही?व्हाट्सएप ने अब माँ-बाप की इसी धड़कन को महसूस किया है। जल्द ही आपको व्हाट्सएप में एक खासपैरेंटल कंट्रोल (Parental Control) फीचर दिखने वाला है, जिसे कंपनी ‘फैमिली सेंटर’ का नाम दे सकती है।आखिर कैसे काम करेगा ये नया कंट्रोल?अब तक व्हाट्सएप पर बच्चे क्या कर रहे हैं, ये जानने का एकमात्र तरीका उनका फोन मांगकर चेक करना होता था, जो अक्सर घर में तनाव की वजह बन जाता है। नए अपडेट के साथ, अब पेरेंट्स अपने व्हाट्सएप अकाउंट को अपने बच्चे (टीनएजर) के अकाउंट के साथ ‘लिंक’ कर पाएंगे।इसका मतलब ये कतई नहीं है कि आप उनकी सारी प्राइवेट बातें या चैट्स पढ़ पाएंगे। व्हाट्सएप ने एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (Privacy) का सम्मान करते हुए एक ऐसा रास्ता निकाला है जहाँ सुरक्षा और निजता दोनों बनी रहे। माँ-बाप यह देख सकेंगे कि बच्चे के कॉन्टैक्ट लिस्ट में कौन है, वे किन ग्रुप्स में जुड़े हैं और कहीं उन्हें कोई अजनबी परेशान तो नहीं कर रहा।इस फीचर की ज़रूरत क्यों पड़ी?ऑनलाइन की दुनिया जितनी आसान दिखती है, उतनी ही पेचीदा भी है। साइबर बुलिंग, स्कैम वाले मैसेज और बिना सोचे-समझे फोटो शेयर करने के रिस्क टीनएजर्स के लिए ज़्यादा होते हैं। इस नए फीचर से अगर बच्चा किसी अजनबी नंबर को ब्लॉक या रिपोर्ट करता है, तो तुरंत उसका अलर्ट पेरेंट के पास पहुँच जाएगा। इससे आप बिना किसी रोक-टोक के अपने बच्चों को इंटरनेट की सही समझ दे पाएंगे।एक छोटा सा ‘अलर्ट’: रिश्ता भी है ज़रूरीव्हाट्सएप ने ये फीचर सुरक्षा के लिए दिया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि केवल टेक्नोलॉजी ही काफी नहीं है। अपने बच्चों के साथ बैठकर डिजिटल दुनिया की अच्छी और बुरी बातों पर चर्चा करना भी उतना ही ज़रूरी है। जब उन्हें लगेगा कि माँ-बाप उनकी जासूसी नहीं बल्कि सुरक्षा कर रहे हैं, तो वे खुद ही अपनी बातें शेयर करेंगे।कब तक मिलेगा ये फीचर?खबर है कि इसकी टेस्टिंग आखिरी दौर में है और साल 2026 के शुरुआती हफ्तों में यह दुनिया भर के यूज़र्स के लिए जारी कर दिया जाएगा। आने वाले वक्त में यह सोशल मीडिया को बच्चों के लिए पहले से ज़्यादा सुरक्षित और ज़िम्मेदार जगह बनाएगा।