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जल जीवन मिशन तथा नमामि गंगे के कार्यों की समीक्षा, सत्यापन के निर्देश

वाराणसी, 26 अप्रैल (हि.स.)। लोकसभा चुनाव के दौर में भी शहर में सभी गतिमान विकास कार्यों को निर्धारित समयावधि के भीतर पूरा करने के लिए अफसर गंभीर है। शुक्रवार को एमडी जल निगम (ग्रामीण) सचिव नमामि गंगे एवं ग्रामीण जल आपूर्ति, उत्तर प्रदेश डॉ राज शेखर ने जल जीवन मिशन तथा नमामी गंगे के कार्यों की समीक्षा की।

उन्होंने सभी गतिमान कार्यों को निर्धारित समयावधि के भीतर पूरा कराने, एलएंडटी के पेयजलापूर्ति को लेकर गावों में कराये गये कार्यों की टीम बनाकर सत्यापन करने का निर्देश दिया।

बैठक में एक्सईएन जलकल ने बताया कि वाराणसी परिक्षेत्र के नगर निगम की सीमा लगभग 160 वर्ग किलोमीटर है। लगभग 22 लाख जनसंख्या के सापेक्ष वर्तमान सीवरेज प्रोफाइल की बारीकी से जानकारी देते हुए बताया कि वाराणसी में वर्तमान में सात एसटीपी कार्य कर रही हैं। जिनकी स्थापित क्षमता 420 एमएलडी है। जिसके सापेक्ष 324 एमएलडी प्रयोग में है तथा शहर का वर्तमान में कुल डिस्चार्ज 522 एमएलडी है।

उन्होंने बताया कि वाराणसी में भगवानपुर में 55 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माणाधीन है। सुजाबाद में 7 एमएलडी क्षमता के प्लांट को मान्यता मिल गयी है। लोहता में 55 एमएलडी क्षमता की दुर्गा ड्रेन तथा दीनापुर की वर्तमान क्षमता को 80 एमएलडी से बढ़ाकर 220 एमएलडी करने की योजना प्रस्तावित है।

बैठक में जिलाधिकारी ने डॉ राजशेखर को बुके देकर स्वागत किया तथा सचिव के समक्ष सीवरेज व्यवस्था, जलापूर्ति तथा नाला कवर करने की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। सचिव ने जिलाधिकारी को टीम बनाकर कराये गये कार्यों का रैंडम सत्यापन कराने के लिए निर्देशित किया।

सचिव ने कार्यदायी संस्था एलएंडटी को पाइप लाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त रास्तों आदि कार्यों का मरम्मत 15 मई तक गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराने को कहा।

बैठक में नगर आयुक्त अक्षत वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल,डीडीओ, नगर निगम,जलकल,जलनिगम तथा एलएंडटी के अधिकारी मौजूद रहे।