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SBI vs HDFC बैंक: 10 लाख रुपये की FD पर 5 साल में 3,80,419 रुपये ब्याज मिलेगा, यहां देखें पूरी जानकारी

SBI vs HDFC बैंक FD दरें 2024: टर्म डिपॉजिट या फिक्स्ड डिपॉजिट (TDs/FD) देश में एक लोकप्रिय और पारंपरिक निवेश विकल्प हैं। हाल ही में, SBI, HDFC समेत कुछ बैंकों ने चुनिंदा मैच्योरिटी वाली जमाराशियों पर ब्याज दरों में बदलाव किया है। उदाहरण के लिए, HDFC बैंक ने 3 साल 1 दिन से लेकर 5 साल तक की FD पर ब्याज दर में 20 बेसिस प्वाइंट (0.20%) की बढ़ोतरी की है। इसी तरह, SBI ने 46 दिन से लेकर 1 साल तक की जमाराशियों पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की थी। आइए जानते हैं कि SBI और HDFC बैंक में 5 साल के लिए 10 लाख रुपये की FD पर नियमित और वरिष्ठ नागरिकों को कहां ज्यादा कमाई होगी।

SBI FD दरें 2024: ₹10 लाख पर 5 साल में आप कितना कमाएंगे?

एसबीआई नियमित ग्राहकों को 5 साल की एफडी पर 6.5 फीसदी सालाना ब्याज दे रहा है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए ये दरें 7.50 फीसदी हैं। बैंक की नई ब्याज दरें 15 मई 2023 से 2 करोड़ रुपये से कम की जमा राशि पर लागू होंगी।

एसबीआई एफडी कैलकुलेटर के अनुसार, एक नियमित ग्राहक को 5 साल में 10 लाख रुपये की एफडी पर कुल 13,80,419 रुपये मिलेंगे। इसमें 3,80,419 रुपये ब्याज से मिलेंगे।

वहीं, वरिष्ठ नागरिकों को 10 लाख रुपये जमा करने पर 5 साल में कुल 14,49,948 रुपये मिलेंगे। इसमें 4,49,948 रुपये ब्याज से मिलेंगे।

एचडीएफसी बैंक एफडी दरें 2024: ₹10 लाख पर 5 साल में आप कितना कमाएंगे

एचडीएफसी बैंक नियमित ग्राहकों को 5 साल की एफडी पर 7.20 फीसदी सालाना ब्याज दे रहा है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए ये दरें 7.70 फीसदी हैं। ये ब्याज दरें 10 जून 2024 से 2 करोड़ रुपये से कम की जमा राशि पर लागू हैं।

एचडीएफसी एफडी कैलकुलेटर के मुताबिक, नियमित ग्राहकों को 10 लाख रुपये की एफडी पर 5 साल में कुल 14,28,747 रुपये मिलेंगे। इसमें 4,28,747 रुपये ब्याज से मिलेंगे।

वहीं सीनियर सिटीजन को 10 लाख रुपये जमा करने पर 5 साल में कुल 14,64,247 रुपये मिलेंगे। इसमें आपको ब्याज से 4,64,247 रुपये मिलेंगे।

कर लाभ: 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक की कटौती

सेक्शन 80C के तहत आप बैंक में 5 साल की FD पर एक वित्त वर्ष में 1.50 लाख रुपये तक की टैक्स कटौती का दावा कर सकते हैं। यह दावा पुरानी टैक्स व्यवस्था में ही किया जा सकता है। 5 साल की FD में 5 साल का लॉक-इन पीरियड होता है। इस अवधि को 10 साल तक बढ़ाया जा सकता है।

हालांकि, आयकर नियमों के अनुसार, FD से अर्जित ब्याज पर कर लगता है। अगर किसी वित्तीय वर्ष में FD/TD पर अर्जित ब्याज 40,000 रुपये से अधिक है, तो TDS (स्रोत पर कर कटौती) काटा जाता है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह सीमा 50,000 रुपये है। अगर किसी व्यक्ति की आय कर योग्य सीमा से कम है, तो उसे फॉर्म 15G और 15H भरकर बैंक से अनुरोध करना होगा कि वह FD/TD पर TDS न काटे।