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समस्या के साथ ही समाधान पर केंद्रित हो पत्रकारिता

झांसी,14 मई(हि.स.)। भास्कर जनसंचार और पत्रकारिता संस्थान एवं इंस्टिट्यूशन इन्नोवेशन काउंसिल की ओर से मंगलवार को सॉल्यूशन जर्नलिज्म विषयक कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें सॉल्यूशन जर्नलिज्म की नेशनल ट्रेनर एवं पत्रकारिता संस्थान की पूर्व छात्रा शुचिता झा ने विद्यार्थियों को सोल्यूशन जर्नलिज्म के बारे में विस्तार से बताया।

उन्होंने कहा कि भारत वर्तमान में विकासशील से विकसित देशों की कतार में अग्रसर हो रहा है। ऐसे में हमें ध्यान रखना होगा कि जिन चुनौतियों का सामना वर्तमान के विकसित देश कर रहे हैं उससे हम बच सके। इसके लिए सतत विकास के लक्षण पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।

शुचिता झा ने कहा कि पर्यावरण एवं प्राकृतिक संसाधनों के समुचित उपयोग के बिना किसी देश का विकसित देशों के श्रेणी में आना संभव नहीं है। आज आवश्यकता है कि युवा पत्रकार क्लाइमेट चेंज,पर्यावरण, वाइल्ड लाइफ, रिन्यूएबल एनर्जी आदि विषयों पर रिपोर्टिंग करते वक्त समस्या के हिसाब से उसके समाधान पर भी प्रकाश डालें। वैश्विक स्तर पर इस दिशा में हो रहे सकारात्मक परिणाम एवं कार्यों को हमें आत्मसात करने की जरूरत है। इसका तात्पर्य यह नहीं है कि हम आलोचनाओं से पूरी तरह बचें, बल्कि हमारा ध्यान इस बात पर होना चाहिए कि हम सिर्फ सरकारों के जनसंपर्क अधिकारी बन के ही न रहें। सॉल्यूशन जर्नलिज्म आलोचना के साथ-साथ उसमें सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों को बढ़ावा देता है।

कार्यशाला में 25 विद्यार्थियों की पांच टीमें बनाकर उन्हें सॉल्यूशन जर्नलिज्म का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला का संयोजन डॉ कौशल त्रिपाठी एवं आभार प्रदर्शन डॉ राघवेंद्र दीक्षित ने दिया। इस अवसर पर संस्थान के समन्वयक डॉ जय सिंह, उमेश शुक्ला,डॉ.अभिषेक कुमार, डॉ.शंभू नाथ घोष, गोविंद यादव,देवेंद्र सिंह के साथ स्नातक एवं परास्नातक के छात्र उपस्थित रहे।