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मनुष्य के कर्म ही करते हैं सुख और दुख का निर्धारण

लखीमपुर खीरी, 8 अप्रैल (हि.स.)। शाहपुरा कोठी में श्रीमदभागवत भक्ति ज्ञान यज्ञ अनुष्ठान के अवसर पर भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। यह कथा 6 अप्रैल से शुरू होकर 12 अप्रैल तक चलेगी। भागवत कथा पंडित हरिकृष्णा पांडे शास्त्री द्वारा सुनाई जा रही है। तीसरे दिन महाभारत कथा सुन कर श्रोता भाव विभोर हुए।

शाहपुरा कोठी में चल रही श्रीमद् भागवत अमृत कथा के तीसरे दिन भागवत व्यास पंडित श्री हरिकृष्णा पांडे शास्त्री के मुखारविंद से महाभारत कल में श्री कृष्णा के अतुल्य राजनीति एवं युद्ध कौशल एवं श्रीमद् गीता उपदेश जो कि श्री कृष्ण जी द्वारा अर्जुन को दिए गए थे, के बारे में बताया कि मनुष्य का कर्म ही उसके उसके जीवन के सुख और दुखों का निर्धारण करता है और अब जो मनुष्य अपने कर्तव्यों का निर्माण करते हुए अपने जीवन को सत्य निष्ठा परोपकार दूसरों की सहायता जीवों पर दया इत्यादि से श्री कृष्ण के श्री चरणों को सहज ही प्राप्त कर सकता है। किसी के साथ उन्होंने बताया कि जब भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को अपने विराट रूप के दुर्लभ दर्शन कराये तो इसके पीछे का उद्देश्य अर्जुन को भवसागर पार करना था।

अर्जुन जिस तरह से भगवान श्री कृष्ण की माया के अधीन होकर धर्म युद्ध से हटकर विचलित होने लगा था, ऐसे में उन्होंने अपने विराट स्वरूप के दर्शन करा कर अर्जुन को न सिर्फ अपनी माया से स्वतंत्र किया बल्कि धर्म युद्ध को जीतने का मार्ग भी दिखाया। भागवत कथा का आयोजन राजीव मिश्रा और उनकी पत्नी द्वारा कराया जा रहा है जिसमें आशीष अवस्थी, जयपाल सिंह, इंद्रेश चौरसिया, जितेंद्र गौड़, अजय शुक्ला, विवेक बदौला और पंकज शुक्ला आदि सहयोग कर रहे हैं।