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भारतीयों की घरेलू बचत बढ़ी:कोरोना काल में लोगों ने की 34 लाख करोड़ रुपए की बचत, ये पाकिस्तान की GDP से 61% ज्यादा

पिछले साल कोरोना महामारी के दौर में लोग घर में रहने को मजबूर हुए। इसका एक फायदा यह हुआ कि घरेलू बचत बढ़ गई। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विस की रिपोर्ट के मुताबिक घरेलू बचत GDP के 22.5% के बराबर हो गई। देश में कोरोना महामारी शुरू होने से पहले 2019 में यह बचत GDP की 19.8% थी।

भारत की GDP का 22.5% मतलब 34 लाख करोड़ रुपए
भारत की GDP 2.6 लाख करोड़ डॉलर (करीब 150 लाख करोड़ रुपए) की है। ऐसे में 2020 में भारत के लोगों ने जो पैसे सेविंग के रूप में बचाए हैं जो करीब 34 लाख करोड़ रुपए हैं। ये रकम पाकिस्तान की कुल GDP से भी ज्यादा है। 2020 में पाकिस्तान की कुल 28.40 हजार करोड़ डॉलर (21 लाख करोड़ रुपए) थी, यानी ये भारतीयों की बचत से भी कम है।

भविष्य को लेकर अनिश्चितता के कारण लोगों में बढ़ी बचत की आदत
सीनियर इकोनॉमिस्ट बृंदा जागीरदार के अनुसार महामारी ने लोगों को भविष्‍य की चिंता सताने लगी और इनकम को लेकर भी अनिश्चितता बन गई। इन सभी बातों से लोगों ने बचत को तवज्‍जो दी और इसमें इजाफा देखने को मिला। महामारी के दौरान बचत बढ़ाने के लिए घरों के प्रयासों के दो कारण हो सकते हैं।

पहला, लोग सामान्‍य स्थितियों में जितना खर्च करते हैं, उतना महामारी के दौरान नहीं कर रहे हैं। लोग मूवी देखने, घूमने या बाहर खाने नहीं जा पा रहे हैं। इससे बचत बढ़ी है। कोविड से पहले के मुकाबले उनके उपभोग की वस्‍तुएं सीमित रही हैं। दूसरा, लोगों ने अपने भविष्य की इनकम के बारे में अनिश्चितता के कारण लोगों ने ज्यादा बचत करना शुरू कर दिया है।

अल्ट्रा शॉर्ट टर्म या बैंलेस्ड एडवांटेज फंड में निवेश करना रहेगा सही
पर्सनल फाइनेंस एक्सपर्ट और ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के संस्थापक व सीईओ पंकज मठपाल आप अल्ट्रा शॉर्ट टर्म म्यूचुअल फंड्स या लिक्विड फंड्स में SIP के जरिए निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा आप बैंलेस्ड एडवांटेज फंड में भी निवेश कर सकते हैं। इससे आपको FD या RD से ज्यादा रिटर्न भी मिलता रहेगा और जरूरत पड़ने पर आप पैसा भी निकाल सकेंगे। सही फंड को चुनने के लिए आप एक्सपर्ट की मदद ले सकते हैं।

लॉक-इन पीरियड वाली स्कीमों में न करें निवेश
कोरोना महामारी में किसी को भी कभी भी पैसों की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में अपने पैसों को कहीं भी ऐसी जगह निवेश न करें जहां लॉक-इन पीरियड हो। आपको पैसे ऐसी जगह निवेश करने चाहिए जहां से आप कभी भी पैसे निकाल सकें।

लॉकडाउन से बिजनेस एक्टिविटीज 25% हुई कम
देश में कोरोना महामारी के प्रकोप को रोकने के लिए कई राज्यों में लॉकडाउन लगाया गया है इस कारण व्यापार गतिविधियां कोरोना से पहले के समय से मुकाबले करीब एक चौथाई कम हो गई हैं। जापान की ब्रोकरेज कंपनी नोमुरा (Nomura) ने यह बात कही है। हालांकि, उसने कहा कि गतिविधियों में कमी का आर्थिक प्रभाव न के बराबर होगा। ब्रोकरेज कंपनी ने इस साल के लिए भारत के वृद्धि अनुमान को बरकरार रखा है।

नोमुरा के अनुसार 25 अप्रैल की स्थिति के अनुसार नोमुरा इंडिया बिजनेस रिजम्पशन इंडेक्स (NIBRI) में पूरे साल के मुकाबले सबसे ज्यादा 8.5% की वीकली गिरावट दर्ज की गई और यह 75.9 रहा। महामारी से पहले के मुकाबले यह 24% कम है। पहली लहर के मुकाबले दूसरी लहर का प्रभाव अभी भी बहुत कम है। ब्रोकरेज कंपनी ने इसके आधार पर 2021 के लिए भारत के ग्रोथ रेट के अनुमान को 11.5 फीसदी पर बरकरार रखा है।

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