Tuesday , August 16 2022
Home / बिहार / प्राइवेट हॉस्पिटल पर शिकंजा:बिहार में बिना अनुमति कोरोना का इलाज करने वाले हॉस्पिटल पर होगी कार्रवाई, पटना में महज 90 हॉस्पिटल रजिस्टर्ड

प्राइवेट हॉस्पिटल पर शिकंजा:बिहार में बिना अनुमति कोरोना का इलाज करने वाले हॉस्पिटल पर होगी कार्रवाई, पटना में महज 90 हॉस्पिटल रजिस्टर्ड

जिला प्रशासन ने पटना में मात्र 90 हॉस्पिटल को कोरोना के इलाज की मंजूरी दी है और इसके अलावा कोई भी अस्पताल इलाज के लिए मरीज को भर्ती करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - Dainik Bhaskar

जिला प्रशासन ने पटना में मात्र 90 हॉस्पिटल को कोरोना के इलाज की मंजूरी दी है और इसके अलावा कोई भी अस्पताल इलाज के लिए मरीज को भर्ती करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

  • ऑक्सीजन की आपूर्ति को लेकर पटना हाईकोर्ट हुआ सख्त
  • शिकायत के लिए रजिस्ट्रार जनरल की ईमेल ID जारी की गई

बिना अनुमति कोरोना का इलाज करने वाले अस्पतालों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। जिला प्रशासन ने पटना में मात्र 90 हॉस्पिटल को कोरोना के इलाज की मंजूरी दी है और इसके अलावा कोई भी अस्पताल इलाज के लिए मरीज को भर्ती करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं ऑक्सीजन की समस्या को लेकर पटना हाईकोर्ट भी काफी गंभीर है। उच्च न्यायालय ने रजिस्ट्रार जनरल की ईमेल ID जारी की है, जिसमें ऑक्सीजन की समस्या पर शिकायत किया जा सकता है।

ऑक्सीजन के लिए हॉस्पिटल कर सकते हैं शिकायत

उच्च न्यायालय द्वारा पारित एक न्यायादेश में में कहा गया है ऐसे निजी अस्पताल जिन्हें कोविड मरीजों के उपचार के लिए अनुमति दी गई है और उनके द्वारा कोरोना संक्रमितों का इलाज किया जा रहा है। ऐसे हॉस्पिटल को अगर ऑक्सीजन की आपूर्ति में कठिनाई हो रही है तो वे पटना हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ईमेल ID [email protected] पर शिकायत कर सकते हैं।

प्रशासन को मिली मनमानी की शिकायत

DM डॉ. चंद्रशेखर सिंह का कहना है कि पटना में कोविड संक्रमण के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। अधिक संख्या में कोरोना संक्रमितों का इलाज सरकारी और निजी अस्पतालों में किया जा रहा है। इसके लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था लगातार की जा रही है। इसके लिए सरकारी अस्पतालों के अलावा कुल 90 निजी अस्पतालों को कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए चिन्हित किया गया है।

DM का कहना है कि इन चिन्हित अस्पतालों के अलावा किसी अन्य निजी अस्पताल में बिना पूर्व अनुमति के कोरोना मरीजों का इलाज करना प्रतिबंधित है। क्योंकि उनकी निगरानी एवं उनको आवश्यक ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हो पाने की स्थिति में मरीजों के जान को खतरा हो सकता है। इसी प्रकार निजी अस्पतालों में भी निर्धारित बेड की संख्या में वृद्धि पूर्व अनुमति प्राप्त करने के बाद ही किया जाना चाहिए, ताकि इसके लिए अतिरिक्त ऑक्सीजन की आवश्यकता एवं उपलब्धता का आकलन किया जा सके।

प्रशासन ने 90 हॉस्पिटल की सूची भी जारी कर दी है।

प्रशासन ने 90 हॉस्पिटल की सूची भी जारी कर दी है।

मनमानी पर होगी अस्पतालों पर कार्रवाई

DM का कहना है कि बिना अनुमति के इलाज और मनमानी से बेड बढ़ाने के मामले में कार्रवाई की जाएगी। DM ने आदेश दिया है कि कोविड संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए चिन्हित निजी अस्पतालों में निर्धारित संख्या से अधिक बेड का उपयोग करने तथा गैर चिन्हित निजी अस्पतालों द्वारा बिना पूर्व अनुमति के कोविड मरीजों का इलाज करने की स्थिति में होने वाली किसी भी प्रकार की दुर्घटना एवं अप्रिय स्थिति की जिम्मेदारी संबंधित संस्थान की होगी। ऐसे में उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने 90 हॉस्पिटल की सूची भी जारी कर दी है।

खबरें और भी हैं…

Check Also

Bihar Political Crisis : प्रासंगिक: नीतीश कुमार का राजनीतिक कोलानुद्या

अंतत: जैसा कि अपेक्षित था, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ...