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कोरोना संकट में अस्‍पताल के मोटे खर्च से बचाएंगे ‘कोरोना कवच’ और ‘कोरोना रक्षक’, जानिए कौन सी पॉलिसी होगी सबसे बेस्‍ट

इंश्‍योरेंस रेगुलेटर IRDAI के दिशानिर्देशों के बाद इंश्‍योरेंस कंपनियों में कोरोना कवच और कोरोन रक्षक पॉलिसी को लॉन्‍च कर दिया है. इस तरह के स्‍टैंडर्ड हेल्‍थ इंश्‍योरेंस में कोरोना वायरस महामारी के इलाज का खर्च कवर होता है. यह पॉलिसी बहुत कम ही अवधि के लिए जारी हो रहे थे, इनकी वैधता 31 मार्च 2021 तक थी. IRDAI ने इंश्‍योरेंस कंपनियों को इस पॉलिसी को अब रिन्‍यू कर 30 सितंबर तक कर वैलिड कर दिया है.

वर्तमान में, इन पॉलिसियों को साढ़े तीन महीने, साढ़े छह महीने ओर साढ़े नौ महीने के लिए जारी किया जाता है. इसमें वेटिंग पीरियड भी शामिल है. आइए जानते हैं कि इन सभी पॉलिसी में क्‍या अंतर है और कैसे आपको फायदे मिल सकते हैं.

कोरोना कवच पॉलिसी

  • कोरोना कवच पॉलिसी एक तरह की इनडेम्‍नि‍टी-टाइप प्‍लान है. इसमें नियम व शर्तों के आधार पर हॉस्पिटल बिल का अश्‍योर्ड रकम तक भुगतान होता है.
  • कोरोना कवच पॉलिसी तभी एक्टिव होगी, जब पॉलिसी होल्‍डर्स कम से कम 24 घंटे के लिए अस्‍पताल भर्ती होना चाहिए. इस पॉलिसी के तहत अश्‍योर्ड रकम तक इंश्‍योरेंस कंपनियां ही मेडिकल खर्च उठाएंगी.
  • कोरोना कवच पॉलिसी इंश्‍योरेंस की ओर से व्‍यक्तियों और उनके परिवार को इन्‍डेम्‍निटी के आधार पर अनिवार्य कवर मिलता है.इनडेम्‍निटी पॉलिसी में अस्‍पताल बिल के आधार पर क्‍लेम का भुगतान होता है.
  • कोरोना कवच पॉलिसी में व्‍यक्तिगत और परिवार को शामिल किया जाता है.
  • कोरोना कवच पॉलिसी में मिनिमम अश्‍योर्ड रकम 50,000 रुपये और मैक्सिमम अश्‍योर्ड रकम 5 लाख रुपये होती है.

कोरोना रक्षक पॉलिसी

  • यह बेनि‍फिट बेस्‍ड प्‍लान है. इसमें अगर कोई व्‍यक्ति अस्‍पताल में भर्ती होता है तो उन्‍हें पॉलिसी के नियम व शर्तों के आधार पर भुगतान मिलता है.
  • कोरोना रक्षक के मामले में पॉलिसी तभी एक्टिव होगी, जब पॉलिसी होल्‍डर कम से कम 72 घंटो के लिए अस्‍पताल में भर्ती होगा.
  • कोरोना रक्षक को बेनिफिट के आधार वैकल्पिक पॉलिसी के तौर पर ऑफर किया जाता है. बेन‍िफिट बेस्‍ट पॉलिसी में नियम व शर्तों के आधार पर पॉलिसी होल्‍डर को पूरा खर्च मिलता है.
  • कोरोना रक्षक पॉलिसी केवल व्‍यक्तिगत स्‍तर पर ही होता है.
  • कोरोना रक्षक पॉलिसी के तहतन मिनिमम अश्‍योर्ड रकम 50,000 रुपये की होती है, जबकि मैक्सिमम अश्‍योर्ड रकम 2.5 लाख रुपये की होती है.

दोनों पॉलिसी के प्रीमियम में क्‍या अंतर है?

ये दोनों पॉलिसी भले ही स्‍टैंडर्ड पॉलिसी हैं, लेकिन अलग-अलग इंश्‍योरेंस कंपनियों के प्रीमियम में अंतर है. ऐसा इसलिए है क्‍योंकि इंश्‍योरेंस कंपनियां अपने स्‍तर पर पॉलिसी खर्च करने की अनुमति है. आइए जानते हैं किस इंश्‍योरेंस कपंनी का कितना प्रीमियम है.

कोरोना कवच: 30 साल के व्‍यक्ति के लिए 2.5 लाख रुपये तक अश्‍योर्ड रकम पर

इंश्‍योरेंस कंपनी 3.5 महीना 6.5 महीना 9.5 महीना
मैक्‍स बुपा 523 697 871
फ्युचर जनराली 484 610 736
बजाज आलियांज 726 968 1210
न्‍यू इंडिया एश्‍योरेंस 863 911  959

कोरोना रक्षक: 30 साल के व्‍यक्ति के लिए 2.5 लाख रुपये के अश्‍योर्ड रकम पर

इंश्‍योरेंस कंपनी 3.5 महीना 6.5 महीना 9.5 महीना
यूनिवर्सल सोम्‍पो 577 1154 1635
फ्युचर जनराली 321 416 512

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