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कोरोना योद्धा: कोविड को हराने के बाद दूसरों को दे रहे प्रेरणा

मेरठ : बढ़ते कोरोना संक्रमण की भयावह स्थिति के बीच कोविड को हराने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और हिम्मत के बूते कई लोग कोरोना को मात दे चुके हैं और अब दूसरे लोगों को भी हिम्मत व साहस बनाए रखने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इन कोरोना विजेताओं का कहना है कि साहस, हिम्मत और धैर्य से कोविड को कोई भी मात दे सकता है।

मोदीपुरम स्थित अंसल टाउन निवासी तुषार पांडेय नोएडा में एचडीएफसी बैंक में जनरल मैनेजर है। एकाएक बुखार आने पर जब उन्होंने अपनी जांच कराई तो रिपोर्ट कोरोना पाॅजिटिव आने पर वह अंदर से हिल गए। फिर परिजनों ने हिम्मत बंधाई तो पूरे परिवार की जांच कराई जो निगेटिव आई।

तुषार बताते हैं कि ऐसे कठिन समय में परिवार ने भरपूर साथ दिया और वह घर के एक कमरे में ही आइसोलेट हो गए। 14 दिन तक पूरी कोरोना गाइडलाइन का पालन करके उन्होंने कोरोना को मात दे दी। अब वह दूसरे लोगों को भी हिम्मत नहीं हारने की सलाह दे रहे हैं। शुरूआती लक्षणों की अनदेखी ना करके तत्काल जांच कराकर उपचार शुरू कराए। इससे कोरोना को मात दी जा सकती है। वह युवाओं की टोली बनाकर काॅलोनी में भी लोगों को जागरूक करने में जुटे हैं।

शहर के जाने-माने चिकित्सक व न्यूटिमा अस्पताल के निदेशक डाॅ. विश्वजीत बैंबी ने बताया कि न्यूटिमा अस्पताल में पहला कोविड मरीज देखने के बाद वह 14 दिन तक घर में एकांतवास में रहे। इस दौरान परिवार के लोग लगातार हिम्मत बढ़ाते रहे। पूरे समय कोविड गाइडलाइन का पालन किया और उनकी तीन बार रिपोर्ट निगेटिव आई। इन 14 दिन तक वह सकारात्मक भाव के साथ परिजनों के साथ रहे। धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन किया। अब वह फिर से मरीजों की देखभाल कर रहे हैं और कोरोना को हराने में जुटे हैं।

डाॅ. विश्वजीत का कहना है कि लोगों को जागरूक करने के लिए प्रत्येक रविवार को अपने साथियों के साथ शहर के किसी भी चैराहे पर लोगों को मास्क पहनने, सेनेटाइजर का प्रयोग करने और शारीरिक दूरी बनाकर रहने की हिदायत दे रहे हैं। खासकर लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाने को प्रेरित किया जा रहा है।

शास्त्रीनगर निवासी व्यापारी सुनील तनेजा और उनकी पत्नी भी कोरोना को मात देकर अब उसे हराने में जुटी है। लालकुर्ती में व्यापारिक प्रतिष्ठान चलाने वाले सुनील ने बताया कि कोरोना के लक्षण आने पर जब उन्होंने जांच कराई तो वह पाॅजिटिव निकली। इस कारण वह घर में ही आइसोलेट हो गए। जांच में उनकी पत्नी भी कोरोना पाॅजिटिव पाई गई। दोनों पति-पत्नी ने पूरे समय में कोरोना गाइडलाइन का पालन किया। आयुर्वेदिक नुस्खों से बनी औषधियों का सेवन किया। सकारात्मक विचार से वह कोरोना को हराने में सफल रहे। इस पूरे समय में वह खुद को मानसिक रूप से मजबूती देने में सफल रहे। अब लालकुर्ती के व्यापारियों को कोरोना जांच कराने और वैक्सीन लगवाने को प्रेरित कर रहे हैं। समय पर जांच कराने से लोग कोरोना से लड़ने के लिए खुद को तैयार कर सकते हैं।

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