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अशोकनगर: पत्नी फोन पर करती थी बात, पति हाथ काटकर ले गया, पुलिस कर रही तलाश

अशोकनगर,11 अप्रैल (हि.स.)। जिले में महिलाओं पर बर्बरता के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। रात्रि में एक महिला के साथ उसके पति द्वारा बर्बरता कर उसका हाथ काट कर ले जाने का दिल-दहला देने वाला मामला सामने आया है। यह जघन्य वारदात बुधवार-गुरुवार की रात की है।

जानकारी अनुसार शहर स्थित बरखेड़ी निवासी कमल सिंह की पत्नी मिथलेश (30) अपने घर में सो रही थी। रात्रि के 2 बजे के दरम्यान सोते में उसका पति कमल सिंह ने अपने पत्नी का एक हाथ कुल्हाड़ी से काट डाला, खून से लहूलुहान पत्नी और बच्चों को चिल्लाते देख वह अपनी पत्नी को तडफ़ता हुआ छोडक़र कटा हाथ लेकर फरार हो गया, इस बर्बरता पूर्ण वारदात में महिला का हाथ कटने के साथ पैर में भी चोटें आईं हैं।

महिला का जिला अस्पताल में उपचार जारी है।

बताया गया कि आरोपित कमल सिंह मकान बनाने की मिस्त्री गिरी का काम करता है। वहीं जानकारी में बताया गया कि पति-पत्नी दोनों में आय दिन अनबन होती थी। इस तरह की अनबन दोनों के बीच फोन पर बात करने को लेकर होती थी। आरोपित पति नहीं चाहता था कि उसकी पत्नी फोन पर किसी से बात करे। इस बात की कलह इस स्तर तक बढ़ गई कि पति इतना खूंखार हो उठा कि वह अपनी पत्नी का हाथ काटकर ले गया। वहीं यहां यह भी उल्लेखनीय हो कि पीडि़ता पहले से ही एक हाथ से दिव्यांग है। अब उसके पति द्वारा दूसरा हाथ काट लेने से वह अब दोनों हाथों से दिव्यांग हो गई है।

पीडि़ता का 16 साल पूर्व कमल सिंह से विवाह हुआ था। जिससे उसके दो लडक़े और दो लड़कियां हैं, सबसे बड़ा लडक़ा 11 साल का है।

वहीं बताया कि उसका पति पूर्व में उसके साथ अनबन के चलते गुमशुदा होने की रिपोर्ट भी कर चुका है और आय दिन उसका विवाद पति के साथ होता था।

वारदात को लेकर टीआई देहात आरपीएस चौहान का कहना है आरोपित कमल सिंह के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है और आरोपित की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।

बच्चे का धर्म न बदलने पर विवाहिता को पीटा गया था

बीते सोमवार को भी भी एक महिला बर्बरता का मामला सामने आया था। जहां जावेद नामक प्रेमी के द्वारा विवाहित महिला के बच्चे का नाम धर्म बदलकर अरमान न रखने पर उसके साथ बुरी तरह से मारपीट की गई थी।

महिला समाज सेविकाओं की नहीं जाती नजर

शहर में महिला समाज सेविकाओं के अनेकों संगठन हैं। जो अपनी अन्य सामाजिक गतिविधियों में आगे दिखाई देती हैं और प्रचार-प्रसार कराती हैं। पर यहां इस तरह के महिला बर्बरता के प्रकरणों के विरुद्ध उनकी रुचि शायद नहीं रहती है,इस तरह के प्रकरण उनकी नजरों में नहीं आते हैं।